In This Article
बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹6.60 करोड़ व्यय की स्वीकृति प्रदान की है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना की कुल स्वीकृत लागत ₹300 करोड़ है। इसका उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुलभ बनाना है।
अब तक ₹188.30 करोड़ की राशि हो चुकी है स्वीकृत
स्वास्थ्य विभाग के आदेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 तक योजना के लिए कुल ₹181.70 करोड़ की राशि स्वीकृत की जा चुकी थी। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹6.60 करोड़ की नई स्वीकृति के बाद योजना के लिए अब तक कुल ₹188.30 करोड़ का आवंटन हो चुका है।
परियोजना की कुल लागत ₹300 करोड़ है, जबकि शेष राशि आगामी चरणों में जारी की जाएगी।
वर्षवार आवंटन का विवरण
| वित्तीय वर्ष | स्वीकृत राशि |
|---|---|
| 2022-23 | ₹100 करोड़ |
| 2023-24 | ₹80 करोड़ |
| 2024-25 | ₹54.15 करोड़ |
| 2025-26 | ₹20.98 करोड़ |
| 2026-27 | ₹6.60 करोड़ |
| अब तक कुल स्वीकृत राशि | ₹188.30 करोड़ |
| कुल परियोजना लागत | ₹300 करोड़ |
डिजिटल तकनीक से बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था
मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के तहत अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली (Hospital Information Management System-HIMS), एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (Enterprise Resource Planning-ERP), कम्युनिटी सर्विस मैनेजमेंट सिस्टम (Community Service Management System-CSMS), इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (Electronic Health Record-EHR), सिटीजन वेब पोर्टल, मोबाइल एप्लिकेशन, एम्बुलेंस रोल आउट तथा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसी डिजिटल प्रणालियां विकसित की जाएंगी।
योजना के तहत विकसित एप्लिकेशन को सुरक्षित क्लाउड सर्वर पर स्थापित किया जाएगा तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को इसके संचालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अनुरूप होगा प्लेटफॉर्म
योजना के तहत विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के मानकों के अनुरूप होगा तथा उसके सभी प्रमुख घटकों के साथ एकीकृत रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग के वर्तमान मोबाइल एप्लिकेशन को भी आवश्यकतानुसार अपग्रेड कर इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से मरीजों के डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड, ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श, रेफरल प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन को बढ़ावा मिलेगा।
पूरे बिहार में चरणबद्ध तरीके से लागू होगी योजना
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, योजना के पहले चरण में डिजाइन डेवलपमेंट और पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इसके बाद इसे राज्य के सभी 35 जिलों में चरणबद्ध तरीके से विस्तारित किया जाएगा।
योजना के माध्यम से 24×7 डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं, विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, अस्पतालों का एकीकृत प्रबंधन तथा स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आधार
मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के माध्यम से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ा जाएगा। इससे अस्पताल प्रबंधन, मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड, उपचार प्रक्रिया और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ राज्य के अधिक से अधिक नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।

