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बिहार सरकार ने राज्य से नई अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन विभाग ने नई अंतरराष्ट्रीय रूट पर एयर सर्विस शुरू करने के लिए एयरलाइंस के चयन हेतु टेंडर जारी किया है। इसके तहत चयनित एयरलाइंस को Viability Gap Funding (VGF) के रूप में वित्तीय सहायता दी जाएगी।
सरकार की योजना पटना के जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नए अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ान सेवाएं शुरू करने की है। टेंडर में पटना-काठमांडू, गया-काठमांडू, गया-शारजाह, गया-कोलंबो और गया-सिंगापुर रूट शामिल हैं।
इन रूटों पर मिलेगी ₹10 लाख तक VGF
बिहार सरकार ने अलग-अलग रूट के लिए VGF की अधिकतम सीमा तय की है। गया-शारजाह, गया-कोलंबो और गया-सिंगापुर के लिए अधिकतम ₹10 लाख प्रति राउंड ट्रिप VGF दिया जा सकता है। गया-काठमांडू और 150 सीटों वाले विमान से पटना-काठमांडू रूट के लिए अधिकतम ₹5 लाख प्रति राउंड ट्रिप की सीमा है।
पटना-काठमांडू रूट पर ATR-72 या Q-400 जैसे विमानों के लिए अधिकतम ₹2.5 लाख प्रति राउंड ट्रिप VGF निर्धारित है। गया-शारजाह, गया-कोलंबो और गया-सिंगापुर के लिए अधिकतम वार्षिक VGF ₹36.5 करोड़ प्रति रूट है, जबकि गया-काठमांडू और 150 सीटों वाले पटना-काठमांडू रूट के लिए यह ₹18.25 करोड़ है।
VGF शुरुआत में छह महीने के लिए दिया जाएगा और रूट के प्रदर्शन के आधार पर इसे अगले छह महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है। भुगतान उड़ान संचालन के बाद मासिक आधार पर किया जाएगा।
एक विशेष रूट पर शुरुआती छह महीने के दौरान राज्य सरकार किसी दूसरी एयरलाइन को वित्तीय सहायता नहीं देगी। हालांकि, एक एयरलाइन को एक से अधिक रूट मिल सकते हैं, यदि वह प्रत्येक रूट पर L1 बोलीदाता हो।
एयरलाइंस के लिए क्या हैं शर्तें
सामान्य अंतरराष्ट्रीय रूट के लिए कम से कम 150 सीटों वाले fixed-wing aircraft से संचालन की शर्त है। हालांकि पटना-काठमांडू रूट पर ATR-72 और Q-400 जैसे विमान भी संचालित किए जा सकते हैं। एयरलाइन के पास अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए DGCA और संबंधित नियामकों की आवश्यक अनुमति होनी चाहिए।
चयनित एयरलाइन को संबंधित रूट पर सप्ताह में कम से कम दो दिन और अधिकतम सात दिन उड़ान संचालित करनी होगी। Letter of Intent जारी होने के तीन महीने के भीतर उड़ान शुरू करनी होगी। जरूरत पड़ने पर यह अवधि अधिकतम छह महीने तक बढ़ाई जा सकती है।
चयन प्रक्रिया में तकनीकी रूप से योग्य एयरलाइंस में सबसे कम VGF मांगने वाली एयरलाइन को L1 के आधार पर चुना जाएगा। समान बोली की स्थिति में फ्लाइट फ्रिक्वेंसी, विमान का प्रकार और सीट क्षमता देखी जाएगी। चयनित एयरलाइन को प्रत्येक रूट के लिए ₹5 लाख की Performance Guarantee भी जमा करनी होगी।
3 सितंबर तक जमा होगी बोली
टेंडर में बोली जमा करने की शुरुआत 14 अगस्त 2026 से हुई है। Technical और Financial Bid को 3 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक नागरिक उड्डयन विभाग, एयरपोर्ट रोड, पटना में जमा करना होगा। दोनों बोलियों को अलग-अलग सीलबंद लिफाफों में जमा करना होगा।
Technical और Financial Bid खोलने की tentative तारीख 8 सितंबर 2026 शाम 3:30 बजे निर्धारित की गई है। टेंडर की वैधता अवधि 120 दिन है।
बिहार की अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना
इस पहल के जरिए बिहार सरकार पटना और गया से नए अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी विकसित करना चाहती है। VGF के जरिए नई रूट शुरू करने से जुड़े शुरुआती बाजार जोखिम को कम करने का प्रयास किया गया है।
टेंडर के शुरुआती हिस्से में Bangkok का भी अंतरराष्ट्रीय गंतव्य के उदाहरण के रूप में उल्लेख है, लेकिन वित्तीय बोली के रूट टेबल में Bangkok शामिल नहीं है। इसलिए वर्तमान टेंडर के आधार पर Bangkok को प्रस्तावित वित्तीय रूट में शामिल नहीं किया गया है।



