Thursday, 13 August 2026
Patna
Bihar Infra Tales

पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का प्रस्ताव, 4,000 करोड़ के निवेश की संभावना

Share this article: X Facebook Telegram
In This Article
  1. पटना में सरकारी जमीन के लिए बनेगा मास्टर प्लान
  2. करीब 4,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना
  3. आधुनिक तकनीक और ‘जीरो वेस्ट मॉडल’ पर जोर

पटना के सुनियोजित और आधुनिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को लोकसेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में विभिन्न सरकारी भूमि खंडों के पुनर्विकास और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सरकारी जमीन एवं परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग, आधुनिक आधारभूत संरचना के निर्माण और पटना को आधुनिक एवं वैश्विक स्तर के शहर के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।

बैठक के दौरान नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (NBCC) ने पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसके अलावा बिहार म्यूजियम के सामने, नेहरू पथ, गर्दनीबाग, भूतनाथ सेक्टर-6 और बोरिंग कैनाल रोड स्थित सरकारी भूमि के पुनर्विकास के प्रस्ताव भी बैठक में रखे गए।

पटना में सरकारी जमीन के लिए बनेगा मास्टर प्लान

मुख्यमंत्री ने पटना में उपलब्ध विभिन्न सरकारी भूमि खंडों को चिह्नित कर उनके पुनर्विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना और मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुराने और जर्जर सरकारी भवनों के स्थान पर आवश्यकता के अनुरूप पुनर्निर्माण और नए निर्माण किए जाएं। NBCC द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण एवं पुनर्विकास के लिए मॉडल तैयार करने की बात भी कही गई।

मुख्यमंत्री ने पाटलिपुत्र टाउनशिप में करीब 2,000 एकड़ तथा अन्य टाउनशिप में 1,000 एकड़ भूमि के लिए टाउनशिप निर्माण एवं पुनर्विकास की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही पटना के अलावा गया, भागलपुर, बेगूसराय और दरभंगा जैसे शहरों में भी उपयुक्त सरकारी भूमि को चिह्नित कर समेकित विकास योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।

करीब 4,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना

प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से पटना में लगभग 4,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है। इन परियोजनाओं से करीब 8,000 करोड़ रुपये के राजस्व सृजन का अनुमान भी प्रस्ताव में दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि की जल्द पहचान कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। निर्माण और पुनर्विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के साथ सरकारी जमीन और परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

आधुनिक तकनीक और ‘जीरो वेस्ट मॉडल’ पर जोर

बैठक में निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक, पर्यावरणीय मानकों और ‘जीरो वेस्ट मॉडल’ को अपनाने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में नगर विकास एवं आवास सह सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और NBCC के चेयरमैन डॉ. के.पी. महादेव स्वामी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Desk's avatar

Desk

बिहार इंफ्रा टेल्स डेस्क बिहार की आधारभूत संरचना, विकास, निवेश, नीतियों और शासन से जुड़ी खबरों को कवर करता है।

अपनी राय दें