बिहार में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 16 अगस्त 2026 को पटना में नागरिक उड्डयन मंत्रालय की संशोधित उड़ान योजना (RCS 6.0) के संदर्भ में राज्य की हवाई कनेक्टिविटी की समीक्षा की। बैठक में नए हवाई अड्डों, हेलीपैड और छोटे शहरों व पर्यटन स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
5 जिलों में हवाई सुविधाओं के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने सबेया (गोपालगंज), फारबिसगंज (अररिया), किशनगंज, सारण और उलाव (बेगूसराय) में हवाई सुविधाओं के विकास की दिशा में तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही औरंगाबाद, बांका, खगड़िया, नवादा, शेखपुरा और सीतामढ़ी में नए हवाई स्थलों या हेलीपैड के विकास की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा गया है।
राजगीर-गया, सासाराम-कैमूर और शाहाबाद क्षेत्र में भी हेलीपैड विकसित करने की योजना पर काम करने का निर्देश दिया गया है। इन क्षेत्रों में जमीन की उपलब्धता और अन्य तकनीकी पहलुओं का जल्द आकलन किया जाएगा। नए एयरपोर्ट और हेलीपैड के लिए जमीन, स्थल की उपयुक्तता, यातायात की संभावनाओं तथा अन्य तकनीकी जरूरतों का आकलन कर संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ समन्वय करने को कहा गया है।
पर्यटन, उद्योग और निवेश को मिलेगी गति
सरकार का फोकस पर्यटन, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ने पर भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे आसपास के जिलों और महत्वपूर्ण पर्यटन, धार्मिक तथा आर्थिक केंद्रों को भी हवाई कनेक्टिविटी का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री के अनुसार बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से बिहार में पर्यटन, व्यापार, उद्योग, निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। पर्यटन, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ने से देश-विदेश के पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
संशोधित उड़ान योजना के अनुरूप बिहार की जरूरतों के अनुसार प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे और केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों एवं प्राधिकरणों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

