In This Article
- पुनरख-किऊल में तीसरी-चौथी रेल लाइन के लिए दो बड़े पैकेज
- रक्सौल-नरकटियागंज में 37.80 किमी रेलखंड का दोहरीकरण
- सोन नगर-आंडाल में तीसरी और चौथी लाइन का काम
- आलौली-चेरा खेड़ा के बीच नई ब्रॉडगेज रेल लाइन
- बिक्रमशिला-कटारेह में नदी सुरक्षा के लिए 202 करोड़ रुपये
- सोनपुर मंडल के स्टेशनों पर 177 करोड़ रुपये के काम
- पटना जंक्शन और दानापुर में 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज
- बिहार में रेलवे के इन प्रोजेक्टों से क्या बदलेगा
बिहार में रेलवे नेटवर्क के विस्तार और मौजूदा रेल ढांचे की क्षमता बढ़ाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्टों पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है। पूर्व मध्य रेलवे की ओर से जारी विभिन्न टेंडर दस्तावेजों के अनुसार नई ब्रॉडगेज रेल लाइन, रेलखंडों के दोहरीकरण, तीसरी और चौथी रेल लाइन, बड़े रेलवे पुल, नदी सुरक्षा कार्य और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यात्री सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम प्रस्तावित हैं।
इन टेंडरों में सबसे बड़े पैकेजों में पुनरख-किऊल तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना से जुड़े पुल निर्माण का 1,280.02 करोड़ रुपये का टेंडर शामिल है। इसके अलावा रक्सौल-नरकटियागंज के 37.80 किलोमीटर रेलखंड के दोहरीकरण के लिए 653.44 करोड़ रुपये और सोन नगर-आंडाल तीसरी एवं चौथी लाइन से जुड़े कार्यों के लिए 805.92 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। वहीं यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर करने के लिए सोनपुर और दानापुर मंडल के कई स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भी करोड़ों रुपये के काम प्रस्तावित हैं।
पुनरख-किऊल में तीसरी-चौथी रेल लाइन के लिए दो बड़े पैकेज
पुनरख-किऊल तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना के तहत पुल निर्माण के दो अलग-अलग पैकेजों के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। पहले पैकेज की लागत ₹1,280.02 करोड़ और दूसरे की ₹1,395.58 करोड़ है। दोनों पैकेजों की समयसीमा 36 महीने है। दोनों में महत्वपूर्ण और प्रमुख पुलों का निर्माण, फाउंडेशन, सब-स्ट्रक्चर, पहुंच क्षेत्र और सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। दोनों पैकेजों की संयुक्त लागत ₹2,675.60 करोड़ है।
पहले पैकेज में पुल संख्या 136, 151, 153, 154, 161, 162 और 163 तथा प्रमुख पुल संख्या 144, 145, 152, 155, 156, 157, 158, 159 और 160 शामिल हैं। इनमें 45.70 मीटर और 30.50 मीटर के गर्डर तथा विभिन्न पीएससी स्लैब वाले पुल शामिल हैं।
दोनों पैकेजों के जरिए पुनरख-किऊल रेलखंड में तीसरी और चौथी लाइन के लिए जरूरी पुल ढांचे को विकसित किया जाएगा, जिससे इस रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
रक्सौल-नरकटियागंज में 37.80 किमी रेलखंड का दोहरीकरण
बिहार के पश्चिमी हिस्से में रेल कनेक्टिविटी और लाइन क्षमता बढ़ाने के लिए रक्सौल-नरकटियागंज रेलखंड के दोहरीकरण का बड़ा पैकेज भी सामने आया है। इसके लिए 653.44 करोड़ रुपये का ईपीसी टेंडर जारी किया गया है। इसके तहत रक्सौल से नरकटियागंज के बीच 37.80 किलोमीटर लंबे रेलखंड में दूसरी रेल लाइन विकसित की जाएगी। टेंडर में रक्सौल के 189.400 किलोमीटर से नरकटियागंज के 227.200 किलोमीटर तक का हिस्सा शामिल है।
इस परियोजना में नई पटरी बिछाने के अलावा कई सहायक निर्माण कार्य भी शामिल हैं। इनमें रेलवे अर्थवर्क, ब्लैंकेटिंग, छोटे और बड़े पुल, स्टेशन भवन, अन्य रेलवे भवन, प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, लेवल क्रॉसिंग, उपयोगिताओं की शिफ्टिंग और अन्य संबद्ध कार्य शामिल हैं।
परियोजना में 25 टन एक्सल लोड के भारतीय रेलवे मानकों के अनुरूप बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य भी किए जाने हैं। टेंडर की मुख्य ईपीसी अनुसूची का मूल्य करीब 486.25 करोड़ रुपये और अन्य संबंधित अनुसूची का मूल्य लगभग 167.19 करोड़ रुपये है। काम पूरा करने की अवधि 1,380 दिन यानी करीब 45 महीने रखी गई है।
सोन नगर-आंडाल में तीसरी और चौथी लाइन का काम
रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने की दिशा में सोन नगर-आंडाल परियोजना से जुड़े तीसरी और चौथी रेल लाइन के कार्यों के लिए 805.92 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इसमें गोमो-कुडरमा खंड के 300.15 से 393.68 किलोमीटर और गया-सोन नगर खंड के 475.200 से 542.075 किलोमीटर तक के हिस्से से जुड़े कार्य शामिल हैं।
इस पैकेज में पटरियों के लिए बैलास्ट और अन्य स्थायी मार्ग सामग्री की आपूर्ति, ट्रैक बिछाने और लिंकिंग तथा 32.5 टन एक्सल लोड के अनुरूप अन्य संबद्ध कार्य शामिल हैं। मुख्य ईपीसी कार्य का मूल्य करीब 753.19 करोड़ रुपये है। इसके अलावा उपयोगिता स्थानांतरण और अप्रत्याशित कार्यों के लिए अलग प्रावधान रखा गया है। इस पैकेज की निर्धारित अवधि 365 दिन है।
आलौली-चेरा खेड़ा के बीच नई ब्रॉडगेज रेल लाइन
खगड़िया-कुशेश्वर स्थान नई रेल लाइन परियोजना के तहत आलौली से चेरा खेड़ा के बीच नए ब्रॉडगेज रेलखंड के निर्माण के लिए 211.36 करोड़ रुपये का ईपीसी टेंडर जारी किया गया है।
टेंडर में आलौली के 19.569 किलोमीटर से चेरा खेड़ा के 24.090 किलोमीटर तक का हिस्सा शामिल है। इस तरह करीब 4.52 किलोमीटर लंबे नए रेलखंड के साथ चेरा खेड़ा यार्ड का निर्माण भी इस पैकेज में शामिल है। काम पूरा करने के लिए 720 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है।
बिक्रमशिला-कटारेह में नदी सुरक्षा के लिए 202 करोड़ रुपये
बिक्रमशिला-कटारेह नई रेल लाइन परियोजना से जुड़े नदी सुरक्षा कार्यों के लिए 202.39 करोड़ रुपये का ईपीसी टेंडर जारी किया गया है। इसमें गाइड बंड, लॉन्चिंग एप्रन और अन्य नदी सुरक्षा कार्य किए जाने हैं। इस काम की निर्धारित अवधि 821 दिन है।
नदी सुरक्षा पैकेज में मुख्य कार्यों के अलावा अप्रत्याशित कार्यों के लिए भी प्रावधान रखा गया है। आवश्यकता के अनुसार अर्थवर्क, पुल संबंधी कार्य और ट्रैक से जुड़े काम भी संबंधित प्राधिकरण के निर्देश के अनुसार किए जा सकते हैं।
सोनपुर मंडल के स्टेशनों पर 177 करोड़ रुपये के काम
रेलवे की ओर से सिर्फ ट्रैक और पुल क्षमता बढ़ाने पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है, बल्कि स्टेशन सुविधाओं को भी बेहतर करने की योजना है। सोनपुर मंडल में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 177.42 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है।
इस पैकेज में दिघवारा, सोनपुर, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, भगवानपुर, रामदयालु नगर, दलसिंहसराय, लखमिनिया, साहेबपुर कमाल, खगड़िया, मानसी, महेशखूंट, नवगछिया और करहगोला रोड समेत कई स्टेशनों के शेष और विविध कार्य शामिल हैं।
इस पैकेज का बड़ा हिस्सा प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने और यात्री सुविधाओं से जुड़ा है। इसके लिए करीब 111.33 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं फुट ओवरब्रिज और रैंप से जुड़े कार्यों के लिए करीब 31.56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्टील, सीमेंट, अर्थवर्क, बागवानी, लैंडस्केपिंग, फर्नीचर और अन्य स्टेशन सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
पटना जंक्शन और दानापुर में 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज
दानापुर मंडल के 14 स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अतिरिक्त कार्यों के लिए 114.26 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इसमें नए अमृत स्टेशन भवनों से जुड़े स्काईवॉक, यात्री सुविधाएं और अन्य विकास कार्य शामिल हैं।
इस पैकेज की खास बात पटना जंक्शन और दानापुर में प्रस्तावित 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज हैं। पटना जंक्शन पर दिल्ली छोर की तरफ पार्किंग क्षेत्र को करबिगहिया दिशा में दूसरी एंट्री से जोड़ने के लिए एक फुट ओवरब्रिज प्रस्तावित है। इसके अलावा पटना जंक्शन के हावड़ा छोर पर भी 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज बनाया जाना है। दानापुर स्टेशन पर भी 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज का प्रावधान है।
बिहार में रेलवे के इन प्रोजेक्टों से क्या बदलेगा
इन टेंडरों को एक साथ देखा जाए तो बिहार में रेलवे के बुनियादी ढांचे को कई स्तरों पर मजबूत करने की योजना सामने आती है। एक तरफ पुनरख-किऊल और सोन नगर-आंडाल जैसे रेलखंडों में तीसरी और चौथी लाइन से क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम प्रस्तावित है, तो दूसरी तरफ रक्सौल-नरकटियागंज में 37.80 किलोमीटर रेलखंड का दोहरीकरण किया जाना है।
नई रेल लाइन परियोजनाओं के तहत आलौली-चेरा खेड़ा रेलखंड का निर्माण और बिक्रमशिला-कटारेह क्षेत्र में नदी सुरक्षा कार्य भी शामिल हैं। वहीं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, स्काईवॉक, रैंप और अन्य यात्री सुविधाओं को विकसित करने की तैयारी है।
हालांकि, इन दस्तावेजों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि सभी परियोजनाओं का ठेका दिया जा चुका है या निर्माण कार्य शुरू हो गया है। उपलब्ध दस्तावेज मुख्य रूप से टेंडर आमंत्रण, परियोजना का दायरा, अनुमानित लागत और निर्धारित समयसीमा से संबंधित हैं।



