Saturday, 4 July 2026
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BSUSC Assistant Professor Recruitment 2026: बिहार डोमिसाइल के बिना नहीं मिलेगा आरक्षण, आयोग ने जारी किए नए नियम

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बीएसयूएससी आरक्षण नियम 2026
In This Article
  1. केवल बिहार के स्थायी निवासियों को मिलेगा आरक्षण
  2. आवेदन में आरक्षण का दावा नहीं किया तो बाद में नहीं मिलेगा लाभ
  3. इन प्रमाणपत्रों का होना अनिवार्य
  4. महिलाओं और EWS उम्मीदवारों के लिए भी विशेष प्रावधान
  5. दस्तावेज सत्यापन में मूल प्रमाणपत्र दिखाना होगा
  6. आयोग की उम्मीदवारों को सलाह

पटना: बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर संविदा भर्ती 2026 के लिए आरक्षण एवं डोमिसाइल से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिहार के स्थायी निवासी (डोमिसाइल) अभ्यर्थियों को ही राज्य सरकार के आरक्षण नियमों का लाभ मिलेगा। यदि कोई उम्मीदवार आवश्यक प्रमाणपत्र अपलोड नहीं करता है, तो उसका आवेदन सामान्य (Unreserved) श्रेणी में माना जाएगा।

केवल बिहार के स्थायी निवासियों को मिलेगा आरक्षण

आयोग के अनुसार, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग (BC), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) सहित सभी प्रकार के आरक्षण का लाभ केवल बिहार के स्थायी निवासियों को मिलेगा। अन्य राज्यों के उम्मीदवार अपनी जाति या आरक्षण श्रेणी के आधार पर किसी प्रकार का लाभ नहीं ले सकेंगे और उन्हें सामान्य वर्ग का उम्मीदवार माना जाएगा।

आवेदन में आरक्षण का दावा नहीं किया तो बाद में नहीं मिलेगा लाभ

आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन आवेदन के दौरान यदि उम्मीदवार संबंधित कॉलम में आरक्षण का दावा नहीं करता है, तो भर्ती प्रक्रिया के किसी भी चरण में उसे आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसलिए आवेदन पत्र भरते समय सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक दर्ज करने की सलाह दी गई है।

इन प्रमाणपत्रों का होना अनिवार्य

आरक्षण का लाभ लेने वाले उम्मीदवारों को आवेदन के समय वैध प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा। इनमें शामिल हैं—

बिहार का स्थायी निवास (डोमिसाइल) प्रमाणपत्र
SC/ST जाति प्रमाणपत्र
BC/EBC उम्मीदवारों के लिए नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र
EWS उम्मीदवारों के लिए आय एवं संपत्ति प्रमाणपत्र
PwD उम्मीदवारों के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र
स्वतंत्रता सेनानी आश्रित होने पर संबंधित प्रमाणपत्र

आयोग ने कहा है कि सभी प्रमाणपत्र अंतिम आवेदन तिथि तक जारी और वैध होने चाहिए।

महिलाओं और EWS उम्मीदवारों के लिए भी विशेष प्रावधान

दिशा-निर्देशों के अनुसार बिहार की महिला अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के तहत 35 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलेगा। वहीं EWS श्रेणी के उम्मीदवारों को निर्धारित प्रारूप में जारी आय एवं संपत्ति प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। विवाहित महिला उम्मीदवारों के लिए भी डोमिसाइल और जाति प्रमाणपत्र से संबंधित अलग प्रावधान तय किए गए हैं।

दस्तावेज सत्यापन में मूल प्रमाणपत्र दिखाना होगा

आयोग ने कहा है कि दस्तावेज सत्यापन के दौरान सभी मूल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि कोई उम्मीदवार मूल प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर पाता है या अपलोड किए गए दस्तावेज अमान्य पाए जाते हैं, तो उसका आरक्षण लाभ समाप्त किया जा सकता है और आवेदन रद्द भी किया जा सकता है।

आयोग की उम्मीदवारों को सलाह

BSUSC ने उम्मीदवारों से अपील की है कि आवेदन भरने से पहले आरक्षण, डोमिसाइल और प्रमाणपत्रों से संबंधित सभी नियमों को ध्यानपूर्वक पढ़ें। किसी भी प्रकार की त्रुटि या अधूरे दस्तावेज के कारण भर्ती प्रक्रिया में नुकसान की पूरी जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी।

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