In This Article
- 2.1 मिलियन यात्रियों की क्षमता वाला आधुनिक टर्मिनल बनेगा
- मौजूदा वायुसेना स्टेशन परिसर में विकसित होगा नया सिविल एन्क्लेव
- यात्रियों की सुविधा के लिए विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
- पार्किंग और लैंडसाइड अवसंरचना का भी होगा विस्तार
- यूटिलिटी भवन और सहायक अवसंरचना भी बनेगी
- क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मिलेगा नया आधार
- परियोजना की प्रमुख जानकारी
बिहार में नागरिक उड्डयन अवसंरचना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने पूर्णिया एयरपोर्ट पर नए सिविल एन्क्लेव के विकास के लिए ₹294.05 करोड़ की लागत वाला टेंडर जारी किया है। इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर प्रस्तावित इस परियोजना को 540 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत आधुनिक घरेलू यात्री टर्मिनल भवन, एयरोब्रिज, पार्किंग, नई एप्रोच रोड, यूटिलिटी भवन और अन्य सहायक अवसंरचना विकसित की जाएगी।
2.1 मिलियन यात्रियों की क्षमता वाला आधुनिक टर्मिनल बनेगा
परियोजना के तहत पूर्णिया एयरपोर्ट पर 2.1 मिलियन यात्री प्रतिवर्ष (MPPA) क्षमता वाला नया घरेलू टर्मिनल भवन बनाया जाएगा। टर्मिनल को 1,000 पीक आवर यात्रियों (500 आगमन और 500 प्रस्थान) को संभालने के अनुरूप डिजाइन किया गया है। भवन में आगमन और प्रस्थान दोनों के लिए अलग-अलग सुविधाएं होंगी तथा यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए दो पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज (Aerobridges) लगाए जाएंगे।
टर्मिनल का वास्तुशिल्प स्थानीय भूगोल, सांस्कृतिक विरासत, कला और स्थापत्य शैली को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा, ताकि यह क्षेत्रीय पहचान को भी प्रदर्शित कर सके।
मौजूदा वायुसेना स्टेशन परिसर में विकसित होगा नया सिविल एन्क्लेव
प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव भारतीय वायुसेना के मौजूदा एयरफोर्स स्टेशन परिसर के भीतर विकसित किया जाएगा। पहले चरण में लगभग 52.18 एकड़ क्षेत्र में इसका निर्माण होगा, जबकि पूरा एयरफोर्स स्टेशन लगभग 695 एकड़ में फैला हुआ है। एयरबेस पर पहले से 2,743 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे मौजूद है, जो घरेलू विमान परिचालन के लिए उपयुक्त है। इससे नई परियोजना में अलग रनवे निर्माण की आवश्यकता नहीं होगी और उपलब्ध अवसंरचना का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
नए टर्मिनल में आगमन और प्रस्थान दोनों के लिए आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रस्थान क्षेत्र में चेक-इन हॉल, सुरक्षा जांच क्षेत्र (SHA), रिटेल और कंसेशन एरिया सहित अन्य यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं आगमन क्षेत्र में बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, कन्वेयर, आगमन कॉन्कोर्स और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बैगेज हैंडलिंग सिस्टम पूरी तरह ग्राउंड फ्लोर पर स्थापित किया जाएगा, जहां प्रस्थान और आगमन दोनों यात्रियों के सामान की स्क्रीनिंग और प्रोसेसिंग की व्यवस्था होगी। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टर्मिनल के सामने पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ क्षेत्र को भी व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाएगा।

पार्किंग और लैंडसाइड अवसंरचना का भी होगा विस्तार
परियोजना में केवल टर्मिनल भवन ही नहीं, बल्कि लैंडसाइड अवसंरचना भी विकसित की जाएगी। इसके तहत 448 निजी कार एवं टैक्सी पार्किंग, 58 स्टाफ कार पार्किंग, छह बस एवं कोच पार्किंग तथा एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइन कर्मचारियों के लिए दोपहिया वाहन पार्किंग विकसित की जाएगी। दिव्यांग यात्रियों (Persons with Reduced Mobility) के लिए भी निर्धारित मानकों के अनुरूप विशेष पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग से नई एप्रोच रोड, सर्विस रोड, लैंडस्केपिंग और यात्री आवागमन को सुगम बनाने वाली अन्य सुविधाओं का भी निर्माण प्रस्तावित है।
परियोजना के प्रमुख पार्किंग प्रावधान
| सुविधा | संख्या |
|---|---|
| निजी कार एवं टैक्सी पार्किंग | 448 |
| बस/कोच पार्किंग | 6 |
| स्टाफ कार पार्किंग | 58 |
| PRM (दिव्यांग) के लिए आरक्षित पार्किंग | 10 |
| दोपहिया पार्किंग | AAI एवं एयरलाइन स्टाफ के लिए |
यूटिलिटी भवन और सहायक अवसंरचना भी बनेगी
परियोजना के तहत टर्मिनल भवन के साथ कई सहायक सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा। इनमें विद्युत सब-स्टेशन, डीजी रूम, एयर कंडीशनिंग प्लांट, कूलिंग टावर, भूमिगत जल टैंक, जल शोधन संयंत्र, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, ड्राइवर कैंटीन, शौचालय, टैक्सी एवं बस पार्किंग, एयरपोर्ट प्रवेश द्वार, गार्ड रूम, एमईपी टनल, कवर वॉकवे और अन्य यूटिलिटी सुविधाएं शामिल हैं। इनका उद्देश्य एयरपोर्ट संचालन को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और कुशल बनाना है।
क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मिलेगा नया आधार
पूर्णिया बिहार के सीमांचल क्षेत्र का प्रमुख जिला है और पूर्वोत्तर बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। वर्तमान में यह रेल नेटवर्क से जुड़ा है, जबकि निकटतम प्रमुख रेलवे जंक्शन कटिहार लगभग 28 किलोमीटर दूर स्थित है। नए सिविल एन्क्लेव के विकसित होने के बाद क्षेत्र को बेहतर हवाई संपर्क मिलेगा, जिससे सीमांचल के साथ-साथ आसपास के जिलों के यात्रियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
पूर्णिया जिला कृषि उत्पादन, विशेष रूप से जूट और केले की खेती के लिए जाना जाता है। बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना की प्रमुख जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परियोजना | पूर्णिया एयरपोर्ट पर नया सिविल एन्क्लेव |
| कार्यान्वयन एजेंसी | एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) |
| अनुमानित लागत | ₹294.05 करोड़ |
| अनुबंध मॉडल | EPC |
| निर्माण अवधि | 540 दिन |
| टर्मिनल क्षमता | 2.1 MPPA |
| पीक आवर क्षमता | 1,000 यात्री |
| एयरोब्रिज | 2 |
| प्रथम चरण का क्षेत्रफल | 52.18 एकड़ |
| मौजूदा रनवे | 2,743 मीटर × 45 मीटर |



