Friday, 7 August 2026
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बिहार में NHAI की 6 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं अभी तक शुरू नहीं, 322.42 किमी सड़क परियोजनाओं का निर्माण लंबित

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बिहार NHAI
In This Article
  1. अररिया–परोरा (NH-327E) परियोजना
  2. महुआ चौक एवं फकुली जंक्शन फ्लाईओवर (NH-22)
  3. पटना–आरा–सासाराम कॉरिडोर (पैकेज-2)
  4. बेतिया–साहेबगंज फोरलेन (NH-139W)
  5. पटना रिंग रोड एवं बिहटा–दानापुर एलिवेटेड कॉरिडोर
  6. मोकामा–मुंगेर ग्रीनफील्ड फोरलेन (नया NH-33)
  7. कुल 322.42 किलोमीटर की परियोजनाओं का निर्माण लंबित

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की बिहार में कुल छह राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं ऐसी हैं जिन्हें ठेका (Award) दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। 1 जुलाई 2026 की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार इन सभी परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) जारी हो चुका है और निर्माण एजेंसियों का चयन भी किया जा चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर सिविल कार्य का शुभारंभ अभी बाकी है।

इन छह परियोजनाओं की कुल लंबाई 322.42 किलोमीटर है। इनमें राज्य के कई महत्वपूर्ण सड़क गलियारे, फ्लाईओवर, ग्रीनफील्ड हाईवे और पटना रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं।

अररिया–परोरा (NH-327E) परियोजना

अररिया–परोरा खंड पर NH-327E के उन्नयन की लंबाई 102.19 किलोमीटर है। इसे 2-लेन विद पेव्ड शोल्डर मानक पर विकसित किया जाना है। इस परियोजना का LOA 30 मार्च 2026 को जारी किया गया था। निर्माण का कार्य Dineshchandra R. Agrawal Infracon Pvt. Ltd. को सौंपा गया है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।

महुआ चौक एवं फकुली जंक्शन फ्लाईओवर (NH-22)

NH-22 पर महुआ चौक और फकुली जंक्शन पर प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना की कुल लंबाई 2.51 किलोमीटर है। इसे 4-लेन मानक पर बनाया जाना है। इस परियोजना का LOA 14 मार्च 2024 को जारी हुआ था और इसका निर्माण कार्य JSP Project Pvt. Ltd. को दिया गया है। हालांकि दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।

पटना–आरा–सासाराम कॉरिडोर (पैकेज-2)

पटना रिंग रोड के माध्यम से घाघरानी–असनी खंड पर विकसित होने वाले पटना–आरा–सासाराम कॉरिडोर (पैकेज-2) की लंबाई 46.40 किलोमीटर है। इसे 4-लेन सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का LOA 2 मार्च 2026 को जारी किया गया था। निर्माण एजेंसी Galfar Engineering & Contracting (India) Pvt. Ltd. है। इसके बावजूद निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।

बेतिया–साहेबगंज फोरलेन (NH-139W)

NH-139W पर बेतिया–साहेबगंज खंड की लंबाई 78.94 किलोमीटर है। इसे 4-लेन विद पेव्ड शोल्डर मानक पर विकसित किया जाना है। परियोजना का LOA 11 फरवरी 2026 को जारी किया गया था। निर्माण कार्य Ceigall Infra Projects Private Limited को सौंपा गया है, लेकिन अभी तक सिविल कार्य शुरू नहीं हुआ है।

पटना रिंग रोड एवं बिहटा–दानापुर एलिवेटेड कॉरिडोर

पटना रिंग रोड के कान्हौली–शेरपुर खंड तथा बिहटा–दानापुर एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लंबाई 9.98 किलोमीटर है। इसे 6-लेन मानक पर विकसित किया जाना है। इस परियोजना का LOA 27 मार्च 2026 को जारी हुआ था। निर्माण कार्य Jayshree International के संयुक्त उद्यम (JV) के साथ M/s Ajay Prakash Associates (JSI-APA) को दिया गया है। फिलहाल इस परियोजना पर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।

मोकामा–मुंगेर ग्रीनफील्ड फोरलेन (नया NH-33)

मोकामा–मुंगेर ग्रीनफील्ड हाईवे की लंबाई 82.40 किलोमीटर है। इसे 4-लेन सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का LOA 23 मार्च 2026 को जारी किया गया था। निर्माण एजेंसी G R Infraprojects Limited है, लेकिन अभी तक सिविल कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।

कुल 322.42 किलोमीटर की परियोजनाओं का निर्माण लंबित

1 जुलाई 2026 की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार बिहार में NHAI की ये सभी छह परियोजनाएं “Awarded but Not Started” श्रेणी में दर्ज हैं। अर्थात इन परियोजनाओं के लिए ठेके जारी किए जा चुके हैं और निर्माण एजेंसियों का चयन भी हो चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर सिविल निर्माण कार्य अभी शुरू होना बाकी है।

इन परियोजनाओं के शुरू होने के बाद बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क संपर्क, माल परिवहन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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