In This Article
- किन सड़कों और परियोजनाओं पर लागू होगी नई व्यवस्था
- वाहनवार टोल दरें तय, हर वर्ष होगी शुल्क की समीक्षा
- मासिक पास, रिटर्न जर्नी और स्थानीय निवासियों को मिलेगी सुविधा
- ओवरलोड वाहनों पर अतिरिक्त टोल, कई श्रेणियों को मिलेगी पूरी छूट
- टोल नहीं देने पर ई-नोटिस, VAHAN डेटाबेस से होगी वसूली
- टोल प्लाजा, ऑडिट और सरकार को मिले नए अधिकार
- प्रमुख प्रावधान एक नजर में
बिहार सरकार ने राज्य में सड़क अवसंरचना के विकास, उन्नयन और अनुरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “बिहार रोड यूजर फी (निर्धारण की दरें एवं संग्रहण) नियमावली, 2026” अधिसूचित कर दी है। पथ निर्माण विभाग द्वारा 6 जुलाई 2026 को जारी इस नियमावली के माध्यम से पहली बार राज्य सरकार की सड़कों, बड़े पुलों, बाईपास, एलिवेटेड हाईवे, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) परियोजनाओं और अन्य अधिसूचित परियोजनाओं पर पथ उपयोगकर्ता शुल्क (टोल) वसूली के लिए विस्तृत कानूनी ढांचा तैयार किया गया है।
नई नियमावली का उद्देश्य राज्य की सड़क परिसंपत्तियों के निर्माण, संचालन, अनुरक्षण और भविष्य के विस्तार के लिए स्थायी वित्तीय व्यवस्था विकसित करना है। सरकार ने उपयोगकर्ता-भुगतान (User Pay Principle) के आधार पर टोल संग्रहण की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि सड़क अवसंरचना के विकास के लिए दीर्घकालिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकें।
किन सड़कों और परियोजनाओं पर लागू होगी नई व्यवस्था
नई नियमावली राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित विभिन्न प्रकार की सड़क एवं पुल परियोजनाओं पर लागू होगी। इनमें राज्य राजमार्ग (State Highways), प्रमुख जिला सड़कें (जहां अधिसूचित हों), स्थायी पुल, बाईपास, सुरंगें, एलिवेटेड हाईवे, सार्वजनिक वित्तपोषित परियोजनाएं, BOT (Annuity) परियोजनाएं तथा PPP मॉडल के तहत विकसित सड़कें शामिल हैं।
सरकार को किसी भी सड़क अथवा पुल को टोल परियोजना के रूप में अधिसूचित करने, आवश्यकतानुसार किसी परियोजना को टोल से मुक्त रखने तथा विशेष रूप से खनन क्षेत्रों के लिए कम्पोजिशन फीस (Composition Fee) प्रणाली लागू करने का अधिकार भी दिया गया है।
नियमावली में पहली बार कई महत्वपूर्ण तकनीकी परिभाषाओं को भी शामिल किया गया है, जिनमें राज्य सड़क, परियोजना सड़क, बाईपास, एलिवेटेड हाईवे, FASTag, इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC), ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS), उपयोगकर्ता शुल्क, रियायतधारी (Concessionaire), निष्पादन प्राधिकरण (Executing Authority) और सार्वजनिक वित्तपोषित परियोजनाएं शामिल हैं।
वाहनवार टोल दरें तय, हर वर्ष होगी शुल्क की समीक्षा
चार लेन सड़कों पर कार, जीप और वैन के लिए ₹1.25 प्रति किलोमीटर शुल्क निर्धारित किया गया है। हल्के वाणिज्यिक वाहन एवं मिनी बस के लिए ₹2 प्रति किलोमीटर, दो-एक्सल बस एवं ट्रक के लिए ₹4.25 प्रति किलोमीटर, तीन एक्सल वाणिज्यिक वाहनों के लिए ₹4.60 प्रति किलोमीटर तथा भारी बहु-अक्षीय वाहनों के लिए इससे अधिक दरें निर्धारित की गई हैं।
दो लेन सड़कों पर चार लेन की दरों का 60 प्रतिशत तथा इंटरमीडिएट लेन सड़कों पर 50 प्रतिशत शुल्क लागू होगा। बाईपास पर वही शुल्क लागू होगा जो संबंधित मुख्य सड़क पर निर्धारित किया जाएगा।
| वाहन श्रेणी | शुल्क (₹ प्रति किमी) |
|---|---|
| कार / जीप / वैन | 1.25 |
| एलसीवी / मिनी बस | 2.00 |
| बस / ट्रक (2 एक्सल) | 4.25 |
| तीन एक्सल वाणिज्यिक वाहन | 4.60 |
| 4–6 एक्सल भारी वाहन | 6.65 |
| 7 या अधिक एक्सल वाहन | 8.10 |
सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल से टोल दरों का संशोधन किया जाएगा। यह संशोधन थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index-WPI) से जुड़ा होगा, हालांकि वार्षिक वृद्धि WPI वृद्धि के 40 प्रतिशत तक सीमित रहेगी।
FASTag होगा अनिवार्य, बिना FASTag वाहनों पर लगेगा दोगुना शुल्क
नई नियमावली के तहत अधिसूचित सभी परियोजना सड़कों पर FASTag आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रहण को अनिवार्य बनाया गया है। सभी टोल प्लाजा पर FASTag स्वीकार करना आवश्यक होगा।
बिना FASTag वाले वाहनों से सामान्य टोल की तुलना में दोगुना शुल्क लिया जाएगा। यदि किसी टोल प्लाजा पर UPI भुगतान की सुविधा उपलब्ध है तो निर्धारित परिस्थितियों में 1.25 गुना शुल्क वसूला जा सकेगा।
गलत लेन का उपयोग करने, क्लोन अथवा अमान्य FASTag इस्तेमाल करने तथा FASTag से छेड़छाड़ करने पर अतिरिक्त शुल्क, ब्लैकलिस्टिंग और आवश्यक कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है।
टोल भुगतान के लिए FASTag के अतिरिक्त UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, स्मार्ट कार्ड तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का उपयोग भी किया जा सकेगा।
मासिक पास, रिटर्न जर्नी और स्थानीय निवासियों को मिलेगी सुविधा
रिटर्न जर्नी के लिए एकल यात्रा शुल्क का 1.5 गुना शुल्क लिया जाएगा, जिसकी वैधता 24 घंटे होगी। मासिक पास की राशि 50 एकल यात्राओं के शुल्क के दो-तिहाई के बराबर निर्धारित की गई है तथा इसकी वैधता एक माह होगी।
इसके अतिरिक्त अधिसूचित दूरी के भीतर रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए मासिक एवं वार्षिक पास जारी करने का भी प्रावधान किया गया है। सरकार भविष्य में विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए वार्षिक और दीर्घकालिक FASTag आधारित पास भी लागू कर सकेगी।
ओवरलोड वाहनों पर अतिरिक्त टोल, कई श्रेणियों को मिलेगी पूरी छूट
यदि वाहन निर्धारित भार से 10 प्रतिशत तक अधिक भार लेकर चलता है तो अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। 10 से 40 प्रतिशत तक ओवरलोड होने पर दोगुना टोल तथा 40 प्रतिशत से अधिक भार होने पर चार गुना टोल वसूला जाएगा। ओवरलोड की गणना अधिसूचित वेटब्रिज अथवा स्वीकृत मापन प्रणाली के आधार पर की जाएगी।
दूसरी ओर कई श्रेणियों के वाहनों को पूर्ण छूट भी दी गई है। इनमें दोपहिया वाहन, तीनपहिया वाहन, ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर, पशु चालित वाहन तथा अधिसूचित सर्विस रोड का उपयोग करने वाले वाहन शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, भारत के मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, मुख्यमंत्री, केंद्रीय एवं राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य, सशस्त्र बल, ड्यूटी पर पुलिस वाहन, एम्बुलेंस, शव वाहन, रक्षा वाहन तथा अन्य अधिसूचित श्रेणियों के वाहनों को भी टोल से छूट प्रदान की गई है।
टोल नहीं देने पर ई-नोटिस, VAHAN डेटाबेस से होगी वसूली
यदि कोई वाहन निर्धारित उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान नहीं करता है तो उसे रोका जा सकता है। इसके अतिरिक्त वाहन स्वामी को SMS, ई-मेल अथवा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ई-नोटिस भेजा जाएगा।
यह व्यवस्था VAHAN डेटाबेस से एकीकृत होगी, जिसके माध्यम से बकाया राशि वाहन स्वामी से वसूली जा सकेगी। नियमावली में यह भी प्रावधान किया गया है कि बकाया भुगतान होने तक वाहन से संबंधित भविष्य के कुछ लेन-देन भी प्रभावित हो सकते हैं।
टोल प्लाजा, ऑडिट और सरकार को मिले नए अधिकार
नियमावली के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में टोल प्लाजा नगर सीमा से कम-से-कम 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित किया जाएगा तथा दो टोल प्लाजा के बीच सामान्यतः 40 किलोमीटर की दूरी रखी जाएगी। हालांकि विशेष परिस्थितियों तथा बंद (Closed) टोल प्रणाली में सरकार इन प्रावधानों में छूट दे सकेगी।
हर टोल प्लाजा पर टोल दरें, रियायतें, छूट प्राप्त श्रेणियां, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा संपर्क विवरण सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
सरकार ने दैनिक लेखांकन, डिजिटल रिकॉर्ड, चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा ऑडिट, सरकारी निरीक्षण तथा इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन के विस्तृत प्रावधान भी किए हैं। अनधिकृत टोल वसूली को दंडनीय बनाया गया है तथा अधिक वसूली की गई राशि को 25 प्रतिशत अतिरिक्त राशि सहित वापस लेने का प्रावधान रखा गया है।
इसके अलावा राज्य सरकार को सार्वजनिक हित में नियमों में शिथिलता देने, नई सड़क श्रेणियां अधिसूचित करने, संचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने तथा कार्यान्वयन प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन करने का अधिकार भी दिया गया है।
प्रमुख प्रावधान एक नजर में
| विषय | प्रावधान |
|---|---|
| अधिसूचना | 6 जुलाई 2026 |
| नियमावली | बिहार रोड यूजर फी (निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली, 2026 |
| वार्षिक संशोधन | प्रत्येक 1 अप्रैल (WPI आधारित) |
| FASTag | अधिसूचित सड़कों पर अनिवार्य |
| बिना FASTag | सामान्यतः दोगुना टोल |
| भुगतान माध्यम | FASTag, UPI, कार्ड, स्मार्ट कार्ड |
| रिटर्न जर्नी | 1.5 गुना शुल्क (24 घंटे वैध) |
| मासिक पास | 50 यात्राओं के शुल्क का दो-तिहाई |
| ओवरलोड वाहन | 2× से 4× तक अतिरिक्त शुल्क |
| वसूली | ई-नोटिस एवं VAHAN एकीकरण |
| ऑडिट | दैनिक लेखांकन एवं सरकारी ऑडिट |



