Wednesday, 24 June 2026
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Bihar Infra Tales

बिहार में बिजली मांग ने बनाया नया रिकॉर्ड, 9,056 मेगावाट की पीक डिमांड की सफल आपूर्ति

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बिहार रिकॉर्ड बिजली मांग
In This Article
  1. पहली बार 9,000 मेगावाट के पार पहुंची बिजली मांग
  2. एक महीने में कई बार टूटा बिजली मांग का रिकॉर्ड
  3. 35 दिनों में 238 मेगावाट बढ़ी अधिकतम मांग
  4. रिकॉर्ड मांग के बावजूद बनी रही निर्बाध बिजली आपूर्ति
  5. ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती क्षमता का संकेत
  6. मई से जून 2026 तक बिहार की रिकॉर्ड बिजली मांग

पहली बार 9,000 मेगावाट के पार पहुंची बिजली मांग

बिहार में बिजली की मांग लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। राज्य ने 24 जून 2026 को रात 10:58 बजे 9,056 मेगावाट की अधिकतम विद्युत मांग की सफलतापूर्वक पूर्ति कर नया रिकॉर्ड बनाया। यह बिहार के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग है।

राज्य की ऊर्जा प्रणाली ने इस रिकॉर्ड स्तर की मांग को पूरा करते हुए उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की।

एक महीने में कई बार टूटा बिजली मांग का रिकॉर्ड

पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान बिहार में बिजली मांग लगातार नए उच्च स्तर पर पहुंची है।

20 मई 2026 को रात 8:12 बजे राज्य की अधिकतम बिजली मांग 8,818 मेगावाट दर्ज की गई थी। इसके बाद 24 मई 2026 को रात 10:01 बजे यह बढ़कर 8,822 मेगावाट हो गई।

15 जून 2026 को रात 8:42 बजे बिहार ने 8,838 मेगावाट की मांग पूरी कर नया रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद 18 जून 2026 को रात 9:05 बजे यह आंकड़ा बढ़कर 8,874 मेगावाट पहुंच गया।

अब 24 जून 2026 को रात 10:58 बजे बिहार ने पहली बार 9,000 मेगावाट का आंकड़ा पार करते हुए 9,056 मेगावाट की रिकॉर्ड मांग पूरी की है।

35 दिनों में 238 मेगावाट बढ़ी अधिकतम मांग

आंकड़ों के अनुसार 20 मई 2026 से 24 जून 2026 के बीच राज्य की अधिकतम बिजली मांग में 238 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है।

यह वृद्धि बिहार में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों, शहरीकरण, घरेलू विद्युतीकरण, औद्योगिक विस्तार और ऊर्जा खपत में निरंतर बढ़ोतरी को दर्शाती है। कृषि, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और सेवा क्षेत्र में बढ़ती बिजली खपत भी पीक डिमांड में वृद्धि का प्रमुख कारण मानी जा रही है।

रिकॉर्ड मांग के बावजूद बनी रही निर्बाध बिजली आपूर्ति

रिकॉर्ड स्तर की मांग के बावजूद राज्य की विद्युत प्रणाली ने बढ़े हुए लोड को सफलतापूर्वक संभाला। ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क के बेहतर प्रबंधन के कारण उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रही।

बढ़ती मांग के बीच लगातार रिकॉर्ड स्तर की आपूर्ति बिहार की ऊर्जा अवसंरचना की क्षमता और मजबूती को भी दर्शाती है।

ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती क्षमता का संकेत

विशेषज्ञों के अनुसार बिजली मांग में लगातार वृद्धि राज्य की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और ऊर्जा उपयोग का संकेत है। पिछले कुछ वर्षों में बिजली अवसंरचना के विस्तार, ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और नए उपभोक्ताओं के जुड़ने से राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं में लगातार वृद्धि हुई है।

आने वाले महीनों में औद्योगिक निवेश, नए औद्योगिक क्षेत्रों और बढ़ती उपभोक्ता मांग के साथ बिजली खपत में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

मई से जून 2026 तक बिहार की रिकॉर्ड बिजली मांग

तिथिसमयअधिकतम मांग
20 मई 20268:12 PM8,818 मेगावाट
24 मई 202610:01 PM8,822 मेगावाट
15 जून 20268:42 PM8,838 मेगावाट
18 जून 20269:05 PM8,874 मेगावाट
24 जून 202610:58 PM9,056 मेगावाट
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