Monday, 22 June 2026
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बिहार के विश्वविद्यालयों में शुरू होंगे 7 नए रोजगारोन्मुखी डिग्री कोर्स, एक साल की Apprenticeship के साथ मिलेगी डिग्री

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Apprenticeship Embedded Degree Program Bihar
In This Article
  1. राज्यपाल ने दी मंजूरी, UGC दिशानिर्देशों पर आधारित है कार्यक्रम
  2. किन विश्वविद्यालयों में लागू होगी नई व्यवस्था
  3. इन 7 नए पाठ्यक्रमों को मिली स्वीकृति
  4. वाणिज्य (Commerce) संकाय
  5. मानविकी (Humanities) संकाय
  6. विज्ञान (Science) संकाय
  7. एक वर्ष की Apprenticeship होगी अनिवार्य
  8. छात्रों को मिलेंगे Multiple Entry और Multiple Exit विकल्प
  9. रिसर्च, स्किल और उद्योग आधारित प्रशिक्षण पर रहेगा फोकस
  10. पात्रता और प्रवेश नियम भी तय
  11. नई फीस संरचना भी जारी
  12. उद्योगों से जुड़ेंगे छात्र, रोजगार क्षमता बढ़ाने पर जोर

बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्यपाल सचिवालय ने राज्य के विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय Apprenticeship Embedded Degree Program (AEDP) के तहत सात नए रोजगारोन्मुखी स्नातक पाठ्यक्रमों को मंजूरी दे दी है। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-30 से लागू होगी।

नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक डिग्री के साथ उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है। इसके तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही अप्रेंटिसशिप करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ सकेगी।

राज्यपाल ने दी मंजूरी, UGC दिशानिर्देशों पर आधारित है कार्यक्रम

राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 तथा पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 के तहत इन पाठ्यक्रमों के लिए अध्यादेश, विनियम और पाठ्यक्रम संरचना को मंजूरी प्रदान की है। अधिसूचना 20 मई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।

यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की Apprenticeship Embedded Degree Program Guidelines, 2024 तथा National Credit Framework (NCF) के अनुरूप तैयार किया गया है।

किन विश्वविद्यालयों में लागू होगी नई व्यवस्था

नई व्यवस्था पटलीपुत्र विश्वविद्यालय, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर तथा पटना विश्वविद्यालय के अधीन संचालित महाविद्यालयों में लागू होगी। इन विश्वविद्यालयों को UGC के दिशानिर्देशों के अनुरूप त्रिपक्षीय समझौता (Tripartite MoU) और अप्रेंटिसशिप व्यवस्था लागू करनी होगी।

इन 7 नए पाठ्यक्रमों को मिली स्वीकृति

राज्यपाल द्वारा स्वीकृत सात नए AEDP पाठ्यक्रम निम्नलिखित हैं:

वाणिज्य (Commerce) संकाय

  • B.Com in Banking Financial Services & Insurance (BFSI)
  • B.Com in Retail Operations
  • B.Com in E-Commerce Operations
  • B.Com in Human Resource Operations

मानविकी (Humanities) संकाय

  • B.A. in Content and Creative Writing

विज्ञान (Science) संकाय

  • B.Sc. in Healthcare Management
  • B.Sc. in Digital Electronics

इन सभी पाठ्यक्रमों को उद्योग की मांग और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

एक वर्ष की Apprenticeship होगी अनिवार्य

AEDP के तहत कुल 160 क्रेडिट का चार वर्षीय कार्यक्रम होगा। इसमें पांचवें और छठे सेमेस्टर को अप्रेंटिसशिप के लिए निर्धारित किया गया है। विद्यार्थियों को एक वर्ष तक उद्योग, संस्थान या अन्य मान्यता प्राप्त संगठनों में प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा।

अप्रेंटिसशिप के लिए कुल 40 क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं, जिसमें प्रत्येक सेमेस्टर में 20-20 क्रेडिट होंगे।

छात्रों को मिलेंगे Multiple Entry और Multiple Exit विकल्प

नई व्यवस्था में Multiple Entry and Multiple Exit (MEME) प्रणाली लागू की गई है।

  • प्रथम वर्ष पूरा करने और 50 क्रेडिट अर्जित करने पर UG Certificate
  • तीन वर्ष पूरा करने और 120 क्रेडिट अर्जित करने पर UG Degree
  • चार वर्ष और 160 क्रेडिट पूरे करने पर UG Honours Degree
  • चार वर्ष के साथ रिसर्च प्रोजेक्ट पूरा करने पर UG Honours with Research Degree

प्रथम वर्ष के बाद बाहर निकलने वाले छात्रों को तीन वर्षों के भीतर पुनः प्रवेश का अवसर भी मिलेगा।

रिसर्च, स्किल और उद्योग आधारित प्रशिक्षण पर रहेगा फोकस

पाठ्यक्रम में Major, Minor, Multi-Disciplinary Courses (MDC), Ability Enhancement Courses (AEC), Skill Enhancement Courses (SEC) और Value Added Courses (VAC) शामिल किए गए हैं।

इसके अलावा विद्यार्थियों को निम्न गतिविधियों में भी भाग लेना होगा:

  • सामुदायिक सहभागिता एवं सेवा
  • फील्ड प्रोजेक्ट
  • सेमिनार
  • स्टूडियो गतिविधियां
  • रिसर्च प्रोजेक्ट
  • समर इंटर्नशिप
  • ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) आधारित कोर्स

VAC के तहत Environmental Studies and Disaster Management को अनिवार्य रखा गया है।

पात्रता और प्रवेश नियम भी तय

इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्रों को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB), CBSE, ICSE या किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा।

पाठ्यक्रमवार पात्रता:

  • B.Sc. Digital Electronics – विज्ञान संकाय के साथ गणित
  • B.Sc. Healthcare Management – विज्ञान संकाय के साथ जीवविज्ञान
  • B.Com पाठ्यक्रम – इंटरमीडिएट या समकक्ष
  • B.A. Content and Creative Writing – इंटरमीडिएट या समकक्ष

प्रवेश प्रक्रिया संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित की जाएगी।

नई फीस संरचना भी जारी

दस्तावेज के अनुसार पहले सेमेस्टर में कुल शुल्क ₹12,000 निर्धारित किया गया है। इसमें प्रवेश शुल्क, ट्यूशन फीस, पुस्तकालय शुल्क, पहचान पत्र, NSS शुल्क, भवन रखरखाव, चिकित्सा शुल्क और अन्य मद शामिल हैं।

दूसरे से आठवें सेमेस्टर तक प्रति सेमेस्टर कुल शुल्क ₹12,000 निर्धारित किया गया है।

उद्योगों से जुड़ेंगे छात्र, रोजगार क्षमता बढ़ाने पर जोर

AEDP का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। इसके तहत विश्वविद्यालयों को उद्योगों, प्रतिष्ठानों और संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर अप्रेंटिसशिप अवसर उपलब्ध कराने होंगे।

दस्तावेज में कहा गया है कि यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा और उद्योग जगत के बीच की दूरी कम करने, रोजगारोन्मुखी कौशल विकसित करने और विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य अनुभव उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

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