Monday, 22 June 2026
Patna
Bihar Infra Tales

राजगीर नेचर सफारी में बनेगा विश्वस्तरीय क्लिफ वॉक, DPR और डिजाइन तैयार करने के लिए वन विभाग ने जारी किया RFP

Share this article: X Facebook Telegram
Rajgir Cliff Walk
In This Article
  1. विश्वस्तरीय पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित करने की योजना
  2. डिजाइन के साथ 3D वॉकथ्रू और तकनीकी प्रस्तुति भी होगी अनिवार्य
  3. चट्टानी संरचना और सुरक्षा मानकों पर रहेगा विशेष फोकस
  4. 70 अंक प्राप्त करने वाली एजेंसियां ही होंगी तकनीकी रूप से योग्य
  5. छह महीने में पूरा करना होगा परामर्श कार्य
  6. राजगीर के पर्यटन परिदृश्य को मिल सकता है नया आयाम

बिहार के प्रमुख पर्यटन केंद्र राजगीर में एक नई पर्यटन परियोजना को आकार देने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत नालंदा वन प्रमंडल ने राजगीर नेचर सफारी में प्रस्तावित हाई-एल्टीट्यूड क्लिफ वॉक (High-Altitude Cliff Walk) के लिए डिजाइन, परामर्श सेवाएं और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने हेतु अनुरोध प्रस्ताव (RFP) जारी किया है।

यह निविदा निर्माण कार्य के लिए नहीं, बल्कि परियोजना की अवधारणा, तकनीकी डिजाइन, DPR, लागत अनुमान और कार्यान्वयन रणनीति तैयार करने के लिए जारी की गई है। इसके आधार पर भविष्य में निर्माण कार्य के लिए अलग निविदा जारी की जा सकती है।

विश्वस्तरीय पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित करने की योजना

RFP दस्तावेज के अनुसार, राजगीर नेचर सफारी के निरीक्षण के दौरान 22 फरवरी 2026 को इस परियोजना की अवधारणा प्रस्तुत की गई थी। परियोजना का उद्देश्य राजगीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर के साहसिक और इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करना है।

दस्तावेज में उल्लेख किया गया है कि प्रस्तावित क्लिफ वॉक की परिकल्पना विश्व के प्रसिद्ध पर्यटन आकर्षणों जैसे अमेरिका के ग्रैंड कैन्यन स्काईवॉक और चीन के झांगजियाजी ग्लास ब्रिज की तर्ज पर की गई है। विभाग का लक्ष्य राजगीर में ऐसी संरचना विकसित करना है जो आधुनिक इंजीनियरिंग, सुरक्षा और पर्यटक अनुभव के उच्च मानकों पर खरी उतर सके।

डिजाइन के साथ 3D वॉकथ्रू और तकनीकी प्रस्तुति भी होगी अनिवार्य

चयनित परामर्श एजेंसी को परियोजना के लिए विस्तृत DPR, आर्किटेक्चरल कॉन्सेप्ट, स्ट्रक्चरल डिजाइन, भू-वैज्ञानिक अध्ययन, सुरक्षा योजना और विजिटर मैनेजमेंट प्लान तैयार करना होगा।

इसके अलावा इच्छुक एजेंसियों को अपने प्रस्ताव के साथ 3D वॉकथ्रू, उच्च गुणवत्ता वाली विजुअल प्रस्तुति और तकनीकी प्रस्तुतीकरण भी देना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल पारंपरिक डिजाइन नहीं, बल्कि अभिनव और विश्वस्तरीय अवधारणाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

चट्टानी संरचना और सुरक्षा मानकों पर रहेगा विशेष फोकस

RFP के अनुसार, प्रस्तावित क्लिफ वॉक की डिजाइन तैयार करते समय स्थल की चट्टानी संरचना, भू-वैज्ञानिक स्थिति, एंकरिंग सिस्टम, विशेष ग्लास संरचनाओं, स्टील फ्रेमवर्क और सुरक्षा प्रावधानों का विस्तृत अध्ययन करना होगा।

एजेंसियों को साइट विजिट कर स्थल की भौगोलिक परिस्थितियों का आकलन करने और उसी के अनुरूप तकनीकी समाधान प्रस्तुत करने होंगे। साथ ही दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और संचालन एवं रखरखाव (O&M) योजना भी DPR का हिस्सा होगी।

70 अंक प्राप्त करने वाली एजेंसियां ही होंगी तकनीकी रूप से योग्य

निविदा दस्तावेज में 100 अंकों की तकनीकी मूल्यांकन प्रणाली निर्धारित की गई है। इसमें एजेंसी का अनुभव, विशेषज्ञ टीम की योग्यता, परियोजना के प्रति दृष्टिकोण, तकनीकी प्रस्तुति, 3D कॉन्सेप्ट और अन्य मानदंड शामिल हैं।

तकनीकी रूप से पात्र घोषित होने के लिए एजेंसियों को न्यूनतम 70 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) और कंसोर्टियम के रूप में भी प्रस्ताव प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

छह महीने में पूरा करना होगा परामर्श कार्य

RFP के अनुसार, चयनित एजेंसी को छह महीने के भीतर परियोजना से संबंधित सभी परामर्श और DPR कार्य पूरे करने होंगे। निविदा के लिए ₹50,000 की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) और ₹1,200 का दस्तावेज शुल्क निर्धारित किया गया है।

इच्छुक एजेंसियां 2 जुलाई 2026 तक अपने प्रस्ताव जमा कर सकती हैं। तकनीकी बोलियां 3 जुलाई 2026 को खोली जाएंगी, जबकि वित्तीय बोलियों की तिथि बाद में घोषित की जाएगी।

राजगीर के पर्यटन परिदृश्य को मिल सकता है नया आयाम

यदि परियोजना को अंतिम स्वीकृति मिलती है, तो प्रस्तावित क्लिफ वॉक राजगीर नेचर सफारी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है। विभाग को उम्मीद है कि आधुनिक डिजाइन और वैश्विक मानकों पर आधारित यह परियोजना राजगीर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में मदद करेगी।

अपनी राय दें