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बिहार में औद्योगिक अवसंरचना विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) द्वारा प्रस्तावित नवानगर इंडस्ट्रियल एरिया परियोजना के लिए पर्यावरण स्वीकृति (Environmental Clearance) की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। 16 जून 2026 को परियोजना से जुड़ा पर्यावरण स्वीकृति प्रस्ताव सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड किया गया।
प्रस्तावित नवानगर इंडस्ट्रियल एरिया बक्सर जिले के नवानगर प्रखंड में विकसित किया जाएगा। परियोजना का कुल क्षेत्रफल 404.68 एकड़ (163.76 हेक्टेयर) है। यह पूरी तरह गैर-वन भूमि पर विकसित की जाएगी।
नवानगर, जितवन डेहरी और रणबीरपुर क्षेत्र में विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र
परियोजना नवानगर प्रखंड के नवानगर, जितवन डेहरी और रणबीरपुर गांवों में विकसित की जाएगी। दस्तावेज के अनुसार परियोजना क्षेत्र टोपोशीट संख्या G45M3 के अंतर्गत आता है।
औद्योगिक क्षेत्र का विकास बिहार में नए निवेश आकर्षित करने और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। परियोजना के लिए कुल निवेश लागत ₹261.43 करोड़ निर्धारित की गई है।
निर्माण और संचालन चरण में मिलेगा रोजगार
पर्यावरण प्रस्ताव के अनुसार निर्माण चरण के दौरान लगभग 100 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इस अवधि में कुल 20,000 मानव-दिवस (Man-days) रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
वहीं औद्योगिक क्षेत्र के संचालन शुरू होने के बाद लगभग 1,000 स्थायी रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई है। परिचालन चरण में कुल 3 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजन का अनुमान लगाया गया है।
नवानगर में विकसित हो रहा है 126 एकड़ का स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन
नवानगर क्षेत्र में औद्योगिक विकास को और गति देने के लिए BIADA पहले ही स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) परियोजना पर काम शुरू कर चुका है।
BIADA द्वारा विकसित किए जा रहे 126 एकड़ के स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) के लिए Vishwa Samudra Engineering Pvt. Ltd. को ₹97.37 करोड़ की L1 बोली के साथ चयनित किया गया है।
बक्सर उभर सकता है नया औद्योगिक केंद्र
404.68 एकड़ के प्रस्तावित नवानगर इंडस्ट्रियल एरिया और 126 एकड़ के SEZ के विकास के साथ बक्सर बिहार के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।
दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने पर क्षेत्र में निवेश, विनिर्माण इकाइयों की स्थापना और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इसके अलावा राज्य के औद्योगिक गलियारे को मजबूत करने में भी इन परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की उम्मीद है।


