In This Article
- पहले चरण में 10 निबंधन कार्यालयों में लागू होगी नई व्यवस्था
- इन 10 कार्यालयों में शुरू होगी पेपरलेस रजिस्ट्री
- 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे मिलेगी रजिस्ट्री की सुविधा
- पुरानी नियमावली तब तक प्रभावी रहेगी जब तक नई व्यवस्था लागू नहीं होती
- संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कदम
बिहार सरकार ने संपत्ति निबंधन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए “बिहार निबंधन नियमावली, 2026” लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत राज्य में चरणबद्ध तरीके से पेपरलेस संपत्ति रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे भूमि, प्लॉट और फ्लैट की रजिस्ट्री कराने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। नई नियमावली के लागू होने के साथ राज्य में संपत्ति निबंधन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में पहल शुरू हो गई है।
पहले चरण में 10 निबंधन कार्यालयों में लागू होगी नई व्यवस्था
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेपरलेस निबंधन प्रणाली को एक साथ पूरे राज्य में लागू करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में राज्य के 10 निबंधन कार्यालयों में नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। इन कार्यालयों में नागरिक बिना पारंपरिक कागजी प्रक्रिया के डिजिटल माध्यम से संपत्ति का निबंधन करा सकेंगे। सरकार का उद्देश्य नई प्रणाली को व्यावहारिक रूप से लागू करने के बाद इसे पूरे बिहार में विस्तार देना है।
इन 10 कार्यालयों में शुरू होगी पेपरलेस रजिस्ट्री
| निबंधन कार्यालय | लागू होने की तिथि |
|---|---|
| जिला निबंधन कार्यालय, वैशाली (हाजीपुर) | 11 जुलाई 2026 |
| जिला निबंधन कार्यालय, जहानाबाद | 18 जुलाई 2026 |
| अवर निबंधन कार्यालय, पातेपुर (वैशाली) | 18 जुलाई 2026 |
| अवर निबंधन कार्यालय, फतुहा (पटना) | 18 जुलाई 2026 |
| अवर निबंधन कार्यालय, संपतचक (पटना) | 18 जुलाई 2026 |
| अवर निबंधन कार्यालय, सोनपुर (सारण) | 18 जुलाई 2026 |
| अवर निबंधन कार्यालय, डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास) | 18 जुलाई 2026 |
| अवर निबंधन कार्यालय, मंझौल (बेगूसराय) | 18 जुलाई 2026 |
| अवर निबंधन कार्यालय, बाबूबरही (मधुबनी) | 18 जुलाई 2026 |
| अवर निबंधन कार्यालय, सोनवर्षा (सहरसा) | 18 जुलाई 2026 |
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य के शेष निबंधन कार्यालयों में नई व्यवस्था लागू करने के लिए अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में पेपरलेस निबंधन प्रणाली पूरे बिहार में विस्तारित की जाएगी।
80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे मिलेगी रजिस्ट्री की सुविधा
नई नियमावली का एक महत्वपूर्ण प्रावधान 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए किया गया है। ऐसे नागरिक अब भूमि, प्लॉट या फ्लैट के निबंधन के लिए निबंधन कार्यालय जाने के बजाय अपने घर से ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। यह सुविधा पूरे बिहार में लागू होगी और इसका उद्देश्य बुजुर्ग नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है।
पुरानी नियमावली तब तक प्रभावी रहेगी जब तक नई व्यवस्था लागू नहीं होती
सरकार ने अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया है कि जिन निबंधन कार्यालयों में अभी “बिहार निबंधन नियमावली, 2026” लागू नहीं हुई है, वहां नई व्यवस्था लागू होने तक “बिहार निबंधन नियमावली, 2008” (यथासंशोधित) प्रभावी रहेगी। इससे संक्रमण अवधि के दौरान निबंधन कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आएगा।
संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कदम
नई नियमावली का उद्देश्य संपत्ति निबंधन प्रक्रिया को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाना है। पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से दस्तावेजों के डिजिटलीकरण, प्रक्रिया में तेजी और कागजी औपचारिकताओं में कमी आने की संभावना है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा नागरिक सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सरकार अब चरणबद्ध तरीके से इस व्यवस्था का विस्तार राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों तक करेगी।



