In This Article
- उत्तर और दक्षिण बिहार दोनों क्षेत्रों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
- एक महीने में कई बार टूटा बिजली मांग का रिकॉर्ड
- सिर्फ चार दिनों में 291 मेगावाट की बढ़ोतरी
- बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के साथ बढ़ रही बिजली की खपत
- रिकॉर्ड मांग के बावजूद बनी रही निर्बाध बिजली आपूर्ति
- मई से जून 2026 तक बिहार की रिकॉर्ड बिजली मांग
- 28 जून 2026 की रिकॉर्ड बिजली मांग का वितरण
बिहार में बिजली की मांग लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। राज्य ने 28 जून 2026 को रात 10:21 बजे 9,347 मेगावाट की अधिकतम विद्युत मांग की सफलतापूर्वक पूर्ति कर नया रिकॉर्ड बनाया। यह बिहार के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक बिजली मांग है।
रिकॉर्ड स्तर की इस मांग के बावजूद राज्य की विद्युत प्रणाली ने निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की, जो बिहार के ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
उत्तर और दक्षिण बिहार दोनों क्षेत्रों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
रिकॉर्ड 9,347 मेगावाट की मांग में उत्तर बिहार (North Bihar-NB) का योगदान 4,299.87 मेगावाट रहा, जबकि दक्षिण बिहार (South Bihar-SB) ने 5,047.68 मेगावाट की मांग पूरी की।
दोनों वितरण कंपनियों द्वारा संयुक्त रूप से रिकॉर्ड स्तर की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
एक महीने में कई बार टूटा बिजली मांग का रिकॉर्ड
पिछले कुछ सप्ताहों में बिहार ने लगातार नई पीक बिजली मांग दर्ज की है।
20 मई 2026 को रात 8:12 बजे राज्य की अधिकतम मांग 8,818 मेगावाट दर्ज की गई थी। इसके बाद 24 मई 2026 को रात 10:01 बजे यह बढ़कर 8,822 मेगावाट हो गई।
15 जून 2026 को रात 8:42 बजे बिहार ने 8,838 मेगावाट की मांग पूरी कर नया रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद 18 जून 2026 को रात 9:05 बजे यह बढ़कर 8,874 मेगावाट पहुंच गई।
24 जून 2026 को रात 10:58 बजे बिहार ने पहली बार 9,000 मेगावाट का आंकड़ा पार करते हुए 9,056 मेगावाट की रिकॉर्ड मांग पूरी की।
अब 28 जून 2026 को रात 10:21 बजे राज्य ने 9,347 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग पूरी कर एक और नया रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया।
सिर्फ चार दिनों में 291 मेगावाट की बढ़ोतरी
24 जून 2026 को दर्ज 9,056 मेगावाट की पीक डिमांड की तुलना में केवल चार दिनों के भीतर अधिकतम बिजली मांग में 291 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है।
वहीं 20 मई 2026 से 28 जून 2026 के बीच राज्य की अधिकतम बिजली मांग में कुल 529 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है। यह राज्य में तेजी से बढ़ती बिजली खपत और ऊर्जा आवश्यकताओं का संकेत है।
बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के साथ बढ़ रही बिजली की खपत
बिजली मांग में लगातार हो रही वृद्धि राज्य में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों, शहरीकरण, घरेलू विद्युतीकरण और आर्थिक विकास को दर्शाती है। इसके अलावा कृषि, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और सेवा क्षेत्र में बिजली की बढ़ती खपत भी पीक डिमांड में वृद्धि का प्रमुख कारण मानी जा रही है।
रिकॉर्ड मांग के बावजूद बनी रही निर्बाध बिजली आपूर्ति
रिकॉर्ड स्तर की मांग के बावजूद राज्य की विद्युत प्रणाली ने बढ़े हुए लोड को सफलतापूर्वक संभाला। ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क के प्रभावी संचालन के कारण पूरे राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनी रही।
लगातार बढ़ती मांग के बीच रिकॉर्ड स्तर की आपूर्ति बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में क्षमता विस्तार और बेहतर ग्रिड प्रबंधन का संकेत मानी जा रही है।
मई से जून 2026 तक बिहार की रिकॉर्ड बिजली मांग
| तिथि | समय | अधिकतम मांग |
|---|---|---|
| 20 मई 2026 | 8:12 PM | 8,818 मेगावाट |
| 24 मई 2026 | 10:01 PM | 8,822 मेगावाट |
| 15 जून 2026 | 8:42 PM | 8,838 मेगावाट |
| 18 जून 2026 | 9:05 PM | 8,874 मेगावाट |
| 24 जून 2026 | 10:58 PM | 9,056 मेगावाट |
| 28 जून 2026 | 10:21 PM | 9,347 मेगावाट |
28 जून 2026 की रिकॉर्ड बिजली मांग का वितरण
| वितरण कंपनी | अधिकतम मांग |
|---|---|
| उत्तर बिहार (NBPDCL) | 4,299.87 मेगावाट |
| दक्षिण बिहार (SBPDCL) | 5,047.68 मेगावाट |
| कुल | 9,347 मेगावाट |


