Tuesday, 4 August 2026
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Bihar Infra Tales

राजगीर में 92.67 एकड़ में बनेगा टेक्नोलॉजी पार्क, बिहार सरकार ने शुरू की कंसल्टेशन

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In This Article
  1. किन विषयों पर मांगे गए हैं सुझाव?
  2. 92.67 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित है टेक्नोलॉजी पार्क
  3. बड़े पब्लिक यूटिलिटी प्रोजेक्ट का हिस्सा है योजना
  4. सुझावों के आधार पर तय होगा आगे का रोडमैप

बिहार सरकार ने राज्य के तकनीकी इकोसिस्टम को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (Information Technology Department) ने राजगीर में प्रस्तावित टेक्नोलॉजी पार्क के विकास के लिए एक मार्केट कंसल्टेशन मेमोरेंडम जारी किया है। इसके माध्यम से सरकार डेवलपर्स, आईटी एवं आईटीईएस कंपनियों, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों, उद्योग संगठनों और संस्थागत निवेशकों से परियोजना के विकास मॉडल, निवेश ढांचे और संचालन व्यवस्था पर सुझाव प्राप्त करेगी।

सरकार का कहना है कि इस टेक्नोलॉजी पार्क का उद्देश्य बिहार में तकनीकी उद्योग को बढ़ावा देना, कुशल रोजगार के अवसर सृजित करना तथा राजगीर को एक उभरते हुए ज्ञान, शिक्षा और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है। विभाग के अनुसार अंतिम विकास मॉडल तय करने से पहले निजी क्षेत्र की राय और बाजार की संभावनाओं का आकलन करना आवश्यक है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया केवल मार्केट कंसल्टेशन के लिए है। इसे किसी प्रकार की निविदा (Tender) या सरकारी खरीद प्रक्रिया नहीं माना जाएगा और न ही इससे किसी प्रकार की खरीद या अनुबंध का दायित्व उत्पन्न होगा।

किन विषयों पर मांगे गए हैं सुझाव?

सरकार निजी क्षेत्र से यह जानना चाहती है कि राजगीर के लिए सबसे उपयुक्त विकास मॉडल क्या हो सकता है, परियोजना में सरकार और निजी क्षेत्र की भूमिकाएं किस प्रकार निर्धारित की जाएं, परियोजना को दीर्घकालिक रूप से वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर कैसे बनाया जाए तथा निवेशकों की रुचि, जोखिम साझा करने की व्यवस्था, अपेक्षित रिटर्न और निवेश की शर्तें क्या हो सकती हैं। इन सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है।

92.67 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित है टेक्नोलॉजी पार्क

मेमोरेंडम के अनुसार टेक्नोलॉजी पार्क के लिए कुल 92.67 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इसमें आईटी सिटी पार्ट-1 के लिए 29.60 एकड़ तथा आईटी सिटी पार्ट-2 के लिए 63.07 एकड़ भूमि प्रस्तावित है। विभाग ने इन दोनों भूखंडों का विस्तृत विवरण भी संलग्न किया है।

एनेक्सचर के अनुसार आईटी सिटी पार्ट-1 के लिए थेरा मौजा के खेसरा संख्या 489 से 29.10 एकड़ तथा नेमा मौजा के खेसरा संख्या 488 से 0.50 एकड़ भूमि शामिल है। वहीं आईटी सिटी पार्ट-2 के लिए थेरा मौजा के खेसरा संख्या 489 से 24.30 एकड़ तथा नेकपुर मौजा के खेसरा संख्या 486 से 38.77 एकड़ भूमि प्रस्तावित है। दोनों भागों को मिलाकर कुल चयनित भूमि 92.67 एकड़ है, जबकि अधिग्रहित भूमि का कुल क्षेत्रफल 94.63 एकड़ दर्शाया गया है।

बड़े पब्लिक यूटिलिटी प्रोजेक्ट का हिस्सा है योजना

संलग्न भूमि मानचित्र के अनुसार यह टेक्नोलॉजी पार्क “Land Acquisition for Public Utility Project, Nalanda” का हिस्सा है। इस समग्र योजना में फिल्म सिटी (20.00 एकड़), आईटी सिटी पार्ट-1 (29.60 एकड़), आईटी सिटी पार्ट-2 (63.07 एकड़), लैंड बैंक (18.50 एकड़), स्पोर्ट्स अकादमी (9.00 एकड़), CRC (21.71 एकड़), एंड प्लांट (70.00 एकड़), रिजर्व भूमि (19.60 एकड़), सड़क (22.48 एकड़) और ड्रेनेज (4.57 एकड़) सहित कुल 260.29 एकड़ भूमि विभिन्न सार्वजनिक उपयोग की परियोजनाओं के लिए चिन्हित की गई है।

सुझावों के आधार पर तय होगा आगे का रोडमैप

आईटी विभाग ने कहा है कि इस परामर्श प्रक्रिया से प्राप्त सुझावों के आधार पर परियोजना का अंतिम विकास ढांचा तैयार किया जाएगा, उपयुक्त विकास मॉडल का चयन किया जाएगा और उसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। वर्तमान चरण का उद्देश्य निजी क्षेत्र की भागीदारी, निवेश क्षमता और व्यवहार्य मॉडल का आकलन करना है, ताकि राजगीर में प्रस्तावित टेक्नोलॉजी पार्क को दीर्घकालिक रूप से सफल और आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

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