In This Article
- बिहार दौरे पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की बड़ी घोषणाएं
- बिहार में 1.15 लाख करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट्स पर काम जारी
- पिछले 12 वर्षों में 2,034 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई गई
- बिहार को मिली 11 अमृत भारत और 14 वंदे भारत ट्रेनें
- अगले सात से आठ वर्षों में 200 नई ट्रेनों की योजना
- मरहोरा कारखाने में बने लोकोमोटिव का हो रहा निर्यात
बिहार दौरे पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की बड़ी घोषणाएं
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में बिहार में रेलवे अवसंरचना विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड बजट निर्धारित किया है। उन्होंने राज्य के रेल नेटवर्क के विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना का भी खाका प्रस्तुत किया।
बिहार के एक दिवसीय दौरे के दौरान वैष्णव ने सारण में छपरा–दिल्ली (आनंद विहार) एक्सप्रेस, मऊ–दिल्ली (आनंद विहार) एक्सप्रेस तथा दोहरीघाट–औंड़िहार मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) सेवा के वाराणसी तक विस्तार को हरी झंडी दिखाई।
इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उपस्थित रहे, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ए.के. शर्मा वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
बिहार में 1.15 लाख करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट्स पर काम जारी
सभा को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में रेल अवसंरचना के विकास के लिए चालू वित्त वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटित किया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। यात्री क्षमता बढ़ाने के लिए पटना रेलवे स्टेशन पर पांच अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य की राजधानी के निकट स्थित फतुहा रेलवे स्टेशन का भी उन्नयन किया जा रहा है।
पिछले 12 वर्षों में 2,034 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई गई
रेल मंत्री ने रेलवे अवसंरचना विकास की गति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान बिहार में कुल 2,034 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बिछाई गई है। उनके अनुसार यह लंबाई मलेशिया जैसे देश के कुल रेल नेटवर्क से भी अधिक है।
बिहार को मिली 11 अमृत भारत और 14 वंदे भारत ट्रेनें
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाल के वर्षों में बिहार को 11 अमृत भारत ट्रेनें और 14 वंदे भारत ट्रेनें मिली हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में राज्य को राष्ट्रीय राजधानी से हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में दिल्ली से लखनऊ, लखनऊ से वाराणसी, वाराणसी से पटना और पटना से सिलीगुड़ी तक बुलेट ट्रेन कनेक्टिविटी शुरू होगी। बुलेट ट्रेन के संचालन शुरू होने के बाद दिल्ली से पटना की यात्रा का समय घटकर केवल 4 घंटे 41 मिनट रह जाएगा।
अगले सात से आठ वर्षों में 200 नई ट्रेनों की योजना
रेल मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार अगले सात से आठ वर्षों के दौरान बिहार में 200 नई ट्रेनें शुरू करने की योजना बना रही है। यह कदम राज्य में रेल संपर्क और यात्री सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मरहोरा कारखाने में बने लोकोमोटिव का हो रहा निर्यात
बिहार में रेलवे विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मरहोरा स्थित कारखाने में निर्मित लोकोमोटिव विदेशों को निर्यात किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार के मरहोरा संयंत्र से 51वां लोकोमोटिव इंजन एक अफ्रीकी देश को निर्यात किया जाएगा।

