बिहार सरकार के पर्यटन विभाग ने गया जिलान्तर्गत स्थित विष्णुपद मंदिर परिक्षेत्र के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, वाराणसी की तर्ज पर समग्र विकास तथा सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के निर्माण कार्य के लिए कुल ₹3,516.05 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इसमें विष्णुपद मंदिर परिक्षेत्र के विकास के लिए ₹2,520 करोड़ और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए ₹996.05 करोड़ की प्राक्कलित राशि शामिल है।
विष्णुपद मंदिर परिसर के विकास पर ₹2,520 करोड़
गया स्थित विष्णुपद मंदिर ऐतिहासिक, पौराणिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल है। पितृपक्ष मेला के दौरान एवं पूरे वर्ष लाखों की संख्या में देशी एवं विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पिंडदान के लिए विष्णुपद मंदिर पहुंचते हैं। योजना के पूरा होने से गया की हजारों वर्षों पुरानी धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं, विशेषकर पिंडदान, तर्पण एवं पितृपक्ष जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों को नई ऊर्जा एवं मजबूती मिलने की बात कही गई है।
विष्णुपद मंदिर परिक्षेत्र के समग्र विकास के लिए ₹2,520 करोड़ की योजना के अंतर्गत मंदिर परिसर का विकास, मल्टीलेवल कार पार्किंग 1 एवं 2 का विकास, एलीवेटेड पथ, मनसरवा मानपुर ब्रिज और रैम्प का निर्माण प्रस्तावित है।
इसके साथ घाट का विकास, डोरमेट्री एवं कैन्टीन का निर्माण, पैडेस्ट्रीयन ब्रिज, स्टैचू, पी.एफ.सी. सीता कुण्ड, सार्वजनिक सुविधाओं और आंतरिक सुविधाओं का विकास भी किया जाएगा। निर्माण-पूर्व गतिविधियां, सहायक कार्य एवं अन्य कार्य भी योजना में शामिल हैं। योजना का कार्यान्वयन बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।
सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना पर ₹996.05 करोड़
सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए ₹996.05 करोड़ की प्राक्कलित राशि निर्धारित की गई है। योजना के तहत इन्द्रपुरी बैराज से लगभग 23 किलोमीटर अपस्ट्रीम में एक इनटेक वेल का निर्माण प्रस्तावित है। इनटेक वेल के माध्यम से सोन नदी से आवश्यक मात्रा में जल का उद्वहन कर 11 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए उत्तर कोयल मुख्य नहर के लगभग 32.77 किलोमीटर बिंदु पर जल प्रवाहित किया जाएगा।
इसके बाद सोन नदी का पानी उत्तर कोयल दायां मुख्य नहर के माध्यम से स्वतः प्रवाहित होते हुए टेल एंड यानी अंतिम छोर तक जाएगा। उत्तर कोयल मुख्य नहर के टेल एंड से अतिरिक्त जल को मोरहर नदी में एस्केप चैनल के माध्यम से छोड़ा जाएगा।
मोरहर नदी पर लगभग 10 मिलियन घन मीटर (10 MCM) क्षमता के कृत्रिम जलाशय का निर्माण प्रस्तावित है। संचित जल को आवश्यकतानुसार लिफ्ट करते हुए लगभग 22 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से बोध गया के अपस्ट्रीम में फल्गु नदी (निरंजना) में डाला जाएगा। योजना के इस भाग का क्रियान्वयन जल संसाधन विभाग द्वारा किया जाएगा।
मंत्रिपरिषद द्वारा विष्णुपद मंदिर परिक्षेत्र के समग्र विकास के लिए ₹2,520 करोड़ और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए ₹996.05 करोड़, यानी कुल ₹3,516.05 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।



