Tuesday, 1 September 2026
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गया एयरपोर्ट को निजी संचालन की मंजूरी, वाराणसी-कुशीनगर के साथ बनेगा समूह

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In This Article
  1. गया एयरपोर्ट के संचालन और विकास की जिम्मेदारी निजी कंपनी को
  2. यात्रियों की संख्या के आधार पर तय होगा शुल्क
  3. सैद्धांतिक मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

गया अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के संचालन और विकास को निजी भागीदारी के तहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (पीपीपीएसी) ने गया एयरपोर्ट को वाराणसी और कुशीनगर के साथ एक समूह में शामिल करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इस समूह के तहत तीनों हवाईअड्डों के संचालन, प्रबंधन और विकास की जिम्मेदारी निजी कंपनी को देने का प्रस्ताव है।

पीपीपीएसी की 149वीं बैठक 4 अगस्त 2026 को हुई थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देश के 11 हवाईअड्डों को पांच समूहों में शामिल कर निजी भागीदारी के लिए प्रस्ताव रखा था। गया एयरपोर्ट को वाराणसी और कुशीनगर के साथ रखा गया है। प्रस्तावित रियायत अवधि 50 वर्ष है।

गया एयरपोर्ट के संचालन और विकास की जिम्मेदारी निजी कंपनी को

प्रस्ताव के तहत निजी कंपनी को यात्री टर्मिनल, शहर की ओर की सुविधाओं, भवन, चारदीवारी, संयंत्र और उपकरण सहित अन्य सुविधाओं के संचालन और विकास की जिम्मेदारी मिलेगी। वहीं हवाई यातायात नियंत्रण, संचार, नौवहन और निगरानी सेवाएं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के पास रहेंगी।

निजी कंपनी को एयरपोर्ट के विकास से जुड़े निर्धारित कार्य भी करने होंगे। यात्री संख्या बढ़ने पर एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने की व्यवस्था भी प्रस्ताव में शामिल है। यह विस्तार यात्री संख्या और उपलब्ध क्षमता से जुड़े तय मानकों के आधार पर किया जाएगा।

यात्रियों की संख्या के आधार पर तय होगा शुल्क

प्रस्ताव में निजी कंपनी द्वारा दिए जाने वाले शुल्क को यात्रियों की संख्या से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। बोली का मुख्य आधार घरेलू यात्रियों के लिए प्रति यात्री शुल्क होगा। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यह शुल्क घरेलू यात्रियों के शुल्क का दो गुना रखा जाएगा। बोली प्रक्रिया में एक चरण में कंपनियों का चयन करने का प्रस्ताव है।

एयरपोर्ट की वित्तीय स्थिति बेहतर करने के लिए शहर की ओर उपलब्ध जमीन के विकास को भी योजना में शामिल किया गया है। प्रत्येक हवाईअड्डे के लिए उपलब्ध जमीन और उस पर किए जा सकने वाले विकास की जानकारी निविदा दस्तावेज और रियायत समझौते में दी जाएगी।

सैद्धांतिक मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

पीपीपीएसी ने गया एयरपोर्ट को वाराणसी और कुशीनगर के साथ एक समूह में शामिल कर निजी संचालन के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके तहत तीनों हवाईअड्डों के संचालन, प्रबंधन और विकास की जिम्मेदारी निजी रियायतधारी को देने का प्रस्ताव है। हालांकि अंतिम रियायत और निजी कंपनी का चयन अभी बाकी है।

प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले रियायत समझौते में निजी कंपनी की जिम्मेदारियों, क्षमता विस्तार और विकास कार्यों को स्पष्ट किया जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव को पीपीपीएसी की अंतिम सिफारिश के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।

गया एयरपोर्ट के मौजूदा कर्मचारियों के लिए भी व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। निजी कंपनी के साथ एक वर्ष की संयुक्त प्रबंधन अवधि रखी जाएगी। इसके बाद निजी कंपनी को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के 60 प्रतिशत कर्मचारियों को तीन वर्ष तक बनाए रखने का प्रावधान प्रस्तावित है।

इस प्रस्ताव के तहत गया एयरपोर्ट का विकास वाराणसी और कुशीनगर एयरपोर्ट के साथ एक संयुक्त समूह के रूप में किया जाएगा। पीपीपीएसी की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद अब परियोजना को अंतिम रियायत और संचालन व्यवस्था तय करने की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।

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