Thursday, 6 August 2026
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लोकसभा में केंद्र ने बताया: विष्णुपद–महाबोधि कॉरिडोर पर क्या हुई प्रगति, नालंदा पर भी दिया बड़ा अपडेट

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विष्णुपद महाबोधि कॉरिडोर
In This Article
  1. बजट 2024-25 की घोषणा पर आगे बढ़ी प्रक्रिया
  2. इन योजनाओं के तहत राज्यों को मिलती है वित्तीय सहायता
  3. बोधगया में ₹165.44 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी
  4. बिहार सरकार ने कई पर्यटन परियोजनाओं को दी मंजूरी
  5. गया और बोधगया में तीन रोपवे परियोजनाओं पर भी काम
  6. नालंदा को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी
  7. फिलहाल पर्यटन मंत्रालय के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं

केंद्र सरकार ने लोकसभा में बिहार के दो प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों—गया स्थित विष्णुपद मंदिर और बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर—के व्यापक विकास से जुड़ी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर जानकारी साझा की है। सरकार ने बताया कि केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषित विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर के विकास की घोषणा पर पर्यटन मंत्रालय ने बिहार सरकार के साथ परामर्श करते हुए आगे की कार्रवाई की है। साथ ही, नालंदा को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी बिहार सरकार विभिन्न अवसंरचना एवं पर्यटन विकास पहलों पर कार्य कर रही है।

यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 3 अगस्त 2026 को लोकसभा में सांसद कौशलेंद्र कुमार और सांसद रामप्रीत मंडल द्वारा पूछे गए स्टार्ड प्रश्न संख्या 218 के लिखित उत्तर में दी।

बजट 2024-25 की घोषणा पर आगे बढ़ी प्रक्रिया

पर्यटन मंत्रालय ने अपने उत्तर में बताया कि केंद्रीय बजट 2024-25 में विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर के व्यापक विकास की घोषणा की गई थी। इसके बाद मंत्रालय ने बिहार सरकार के साथ परामर्श कर इस घोषणा को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पर्यटन का विकास और उसका प्रचार-प्रसार मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है।

इन योजनाओं के तहत राज्यों को मिलती है वित्तीय सहायता

केंद्र सरकार ने बताया कि पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इनमें स्वदेश दर्शन (Swadesh Darshan), स्वदेश दर्शन 2.0 (Swadesh Darshan 2.0), चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (CBDD) तथा प्रसाद (PRASHAD) योजना शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि राज्यों से प्राप्त परियोजना प्रस्तावों को योजना के दिशा-निर्देशों, सरकारी प्राथमिकताओं, उपलब्ध बजट तथा अन्य मानकों के आधार पर स्वीकृति दी जाती है।

बोधगया में ₹165.44 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी

लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत मार्च 2025 में बोधगया में “बौद्ध मेडिटेशन एंड एक्सपीरियंस सेंटर” के विकास के लिए ₹165.44 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की थी। यह परियोजना बोधगया में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों और बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बिहार सरकार ने कई पर्यटन परियोजनाओं को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि बिहार सरकार ने गया, बोधगया और राजगीर क्षेत्र में कई पर्यटन एवं धार्मिक अवसंरचना परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इनमें राजगीर के ब्रह्मकुंड क्षेत्र के समग्र विकास के लिए ₹49.87 करोड़, गया जी में धर्मशाला निर्माण के लिए ₹120.15 करोड़ तथा विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में पाथवे-कम-शेड भवन, वैकल्पिक पहुंच मार्ग और बस पार्किंग के विकास के लिए ₹61.96 करोड़ की परियोजना शामिल है। इसके अलावा गुरुपा हिल में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए ₹9.17 करोड़ तथा बोधगया के सिलौंजा में विश्व के सात अजूबों की प्रतिकृतियों के निर्माण के लिए ₹14.85 करोड़ की परियोजना भी स्वीकृत की गई है।

गया और बोधगया में तीन रोपवे परियोजनाओं पर भी काम

पर्यटकों की सुविधा और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बिहार सरकार ने तीन रोपवे परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनमें गया के ब्रह्मयोनी हिल पर ₹8.67 करोड़, बोधगया के डुंगेश्वरी हिल पर ₹16.76 करोड़ तथा गया के प्रेतशिला हिल पर ₹10.48 करोड़ की लागत से रोपवे विकसित किए जा रहे हैं।

नालंदा को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी

लोकसभा में दिए गए उत्तर के अनुसार, बिहार सरकार नालंदा को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न अवसंरचना एवं डेस्टिनेशन डेवलपमेंट पहलों पर कार्य कर रही है। इसके लिए राजगीर और नालंदा के समग्र विकास हेतु एक अंतिम व्यापक डेस्टिनेशन स्ट्रेटेजी एवं डेवलपमेंट प्लान (Final Comprehensive Destination Strategy and Development Plan) भी तैयार किया जा चुका है।

फिलहाल पर्यटन मंत्रालय के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं

हालांकि, केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में नालंदा के विकास से संबंधित पर्यटन मंत्रालय के समक्ष कोई परियोजना या प्रस्ताव सक्रिय विचाराधीन नहीं है।

केंद्र सरकार के इस जवाब से स्पष्ट होता है कि विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर के संबंध में बजट घोषणा के बाद मंत्रालय और बिहार सरकार के बीच समन्वय की प्रक्रिया जारी है। दूसरी ओर, बिहार सरकार भी गया, बोधगया, राजगीर और नालंदा में धार्मिक एवं पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए अनेक परियोजनाओं पर कार्य कर रही है, जिनका उद्देश्य राज्य में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है।

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