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बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की प्रोजेक्ट क्लीयरेंस कमेटी (PCC) की 2 जून 2026 को आयोजित बैठक में राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि आवंटन संबंधी प्रस्तावों पर विचार किया गया। बैठक में 13 औद्योगिक इकाइयों के पक्ष में कुल 3.11 लाख वर्गफुट से अधिक भूमि आवंटन की सिफारिश की गई।
सिफारिश प्राप्त प्रस्तावों में वस्त्र उद्योग, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, निर्माण सामग्री, ऑटोमेशन और इंजीनियरिंग विनिर्माण क्षेत्र की इकाइयां शामिल हैं। इन प्रस्तावों के लिए फतुहा, गोरौल, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बरौनी, सहरसा, बिहिया और मरंगा स्थित औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन की अनुशंसा की गई है।
फतुहा में डेयरी और वस्त्र क्षेत्र की परियोजनाओं को मिली सिफारिश
फतुहा औद्योगिक क्षेत्र में राजरानी टेक्सटाइल्स को रेडीमेड गारमेंट्स निर्माण इकाई के लिए 1,500 वर्गफुट भूमि आवंटित करने की सिफारिश की गई। वहीं ओम मंगलम एंटरप्राइजेज को कॉटन विक्स, अगरबत्ती और धूपबत्ती निर्माण इकाई के लिए 875 वर्गफुट भूमि आवंटन की अनुशंसा मिली।
इसी औद्योगिक क्षेत्र में कैरा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड को दूध एवं ताजा डेयरी उत्पाद निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 81,631.40 वर्गफुट भूमि आवंटन की सिफारिश की गई। भूमि क्षेत्र के हिसाब से यह बैठक में स्वीकृत सबसे बड़े प्रस्तावों में शामिल रहा।
गोरौल में दो बड़े औद्योगिक प्रस्तावों को मिली मंजूरी
गोरौल फेज-I औद्योगिक क्षेत्र में एमएसक्यू क्लोदिंग एलएलपी को विभिन्न प्रकार की शर्ट निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 55,675 वर्गफुट भूमि आवंटन की सिफारिश की गई।
इसी औद्योगिक क्षेत्र में अविनाश कुमार को पीईबी स्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए वैकल्पिक प्लॉट के साथ 55,675 वर्गफुट भूमि आवंटन की अनुशंसा मिली। दोनों परियोजनाएं मिलकर गोरौल औद्योगिक क्षेत्र में बड़े औद्योगिक निवेश का आधार बन सकती हैं।
हाजीपुर, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर में भी नए उद्योगों का रास्ता साफ
हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में शिव दुर्गा एग्रो को अत्याधुनिक राइस मिलिंग यूनिट स्थापित करने के लिए 10,080 वर्गफुट भूमि आवंटन की सिफारिश की गई।
समस्तीपुर औद्योगिक क्षेत्र में बांका इंडस्ट्रीज को 3D पापड़ निर्माण इकाई के लिए 21,780 वर्गफुट भूमि आवंटित करने की अनुशंसा की गई।
मुजफ्फरपुर औद्योगिक क्षेत्र में श्यामा आदित्य करुगेटर्स एलएलपी को करुगेटेड पेपर बॉक्स निर्माण इकाई के लिए 14,336.60 वर्गफुट भूमि आवंटन की सिफारिश मिली।
डोनार औद्योगिक क्षेत्र में ऑनेस्टी ऑटोमेशन प्राइवेट लिमिटेड को मैकेनिकल कार पार्किंग मशीन निर्माण इकाई के लिए 17,424 वर्गफुट भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव भी समिति ने अनुशंसित किया।
बरौनी, सहरसा, बिहिया और मरंगा की परियोजनाएं भी शामिल
बरौनी लार्ज इंडस्ट्रियल एस्टेट में श्री जी रूफिंग को कलर कोटेड स्टील रूफिंग शीट निर्माण इकाई के लिए 5,000 वर्गफुट भूमि आवंटन की सिफारिश की गई।
इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर, मरंगा में सिया राम फूड इंडस्ट्रीज को वैल्यू एडेड मिल्क उत्पाद निर्माण इकाई के लिए 3,000 वर्गफुट भूमि आवंटन की अनुशंसा मिली।
सहरसा औद्योगिक क्षेत्र में एस.एन.जी. प्रोडक्ट्स को चूड़ा निर्माण इकाई के लिए 2,740 वर्गफुट भूमि आवंटन की सिफारिश की गई।
बिहिया औद्योगिक क्षेत्र में एस.के. एंटरप्राइजेज को मेम्ब्रेन डोर, लैमिनेटेड पीवीसी डोर, डब्ल्यूपीसी डोर तथा अन्य उत्पादों के निर्माण के लिए 5,000 वर्गफुट भूमि आवंटन की अनुशंसा की गई।
विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
PCC बैठक में जिन प्रस्तावों को सिफारिश मिली है, वे राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेंगे। वस्त्र, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, निर्माण सामग्री और इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़ी इन परियोजनाओं के माध्यम से औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।


