In This Article
- क्या है बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025?
- BIIPP 2025 के प्रमुख लाभ
- 1. SGST प्रतिपूर्ति (SGST Reimbursement)
- 2. पूंजी अनुदान (Capital Subsidy)
- 3. मेगा एवं एंकर उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन
- 4. गुणवत्ता प्रमाणन सहायता
- 5. औद्योगिक क्लस्टर एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर
- 6. अन्य प्रोत्साहन
- निवेश और औद्योगिक विकास को मिलेगी निरंतरता
- बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की रणनीति
बिहार सरकार ने निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (Bihar Industrial Investment Promotion Package-BIIPP) 2025 की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है।
उद्योग विभाग के संकल्प संख्या 3223 दिनांक 26 अगस्त 2025 के तहत लागू BIIPP 2025 की वैधता पहले 30 जून 2026 तक थी। अब इसकी अवधि 31 दिसंबर 2026 अथवा नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2026 लागू होने की तिथि, जो भी पहले हो, तक बढ़ा दी गई है।
क्या है बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025?
बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025 राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई विशेष प्रोत्साहन योजना है। यह पैकेज विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) के साथ-साथ बड़े और मेगा उद्योगों में निवेश आकर्षित करने के लिए तैयार किया गया है।
इस पैकेज के माध्यम से राज्य सरकार उद्योगों को कर प्रोत्साहन, पूंजी अनुदान, रोजगार आधारित प्रोत्साहन, गुणवत्ता प्रमाणन सहायता, सामान्य अवसंरचना विकास तथा अन्य वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।
BIIPP 2025 के प्रमुख लाभ
1. SGST प्रतिपूर्ति (SGST Reimbursement)
नई एवं विस्तारित औद्योगिक इकाइयों को राज्य वस्तु एवं सेवा कर (State Goods and Services Tax-SGST) की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। यह प्रतिपूर्ति पात्रता के अनुसार अधिकतम 10 वर्षों तक उपलब्ध कराई जाएगी।
2. पूंजी अनुदान (Capital Subsidy)
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को पात्र निवेश के आधार पर 20 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।
3. मेगा एवं एंकर उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन
₹100 करोड़ से अधिक निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करने वाली इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
- ₹100 करोड़ से अधिक निवेश एवं 1,000 से अधिक रोजगार सृजित करने वाली इकाइयों को 10 वर्षों तक विशेष प्रोत्साहन।
- Fortune Global 500 तथा Fortune India 500 की एंकर कंपनियों द्वारा ₹200 करोड़ से अधिक निवेश करने पर विशेष प्रोत्साहन।
- ₹1,000 करोड़ से अधिक निवेश वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए 25 वर्षों तक विशेष सहायता का प्रावधान।
4. गुणवत्ता प्रमाणन सहायता
औद्योगिक इकाइयों को गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने पर प्रमाणन शुल्क का 50 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति प्रदान की जाएगी।
5. औद्योगिक क्लस्टर एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर
योजना के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) तथा विभिन्न औद्योगिक क्लस्टरों के विकास को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
इनमें प्रमुख रूप से—
- टेक्सटाइल पार्क
- टॉय पार्क
- फूड प्रोसेसिंग पार्क
- एजुकेशन सिटी (Educity)
- मेडी सिटी (Medi City)
- फिनटेक सिटी (FinTech City)
- ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) एवं ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) क्लस्टर का विकास शामिल है।
6. अन्य प्रोत्साहन
योजना के तहत उद्योगों को निम्नलिखित क्षेत्रों में भी सहायता उपलब्ध कराई जाती है—
- ग्रीन फैक्ट्री विकास
- अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (Effluent Treatment Plant-ETP) की स्थापना
- पर्यावरण संरक्षण उपाय
- कॉमन फैसिलिटी सेंटर का निर्माण
- गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाएं
- अनुसंधान एवं विकास (R&D) गतिविधियों को प्रोत्साहन
निवेश और औद्योगिक विकास को मिलेगी निरंतरता
उद्योग विभाग के अनुसार, निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए BIIPP 2025 की अवधि बढ़ाई गई है। इससे राज्य में लंबित एवं प्रस्तावित औद्योगिक निवेश परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलता रहेगा और नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2026 लागू होने तक निवेशकों को योजना का लाभ मिलता रहेगा।
बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की रणनीति
राज्य सरकार का उद्देश्य BIIPP 2025 के माध्यम से औद्योगिक निवेश आकर्षित करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना, विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना तथा बिहार को निवेश-अनुकूल राज्य के रूप में विकसित करना है। पैकेज की अवधि बढ़ने से निवेशकों को नई परियोजनाओं में निवेश का अतिरिक्त समय और नीति संबंधी स्पष्टता मिलेगी।



