Monday, 22 June 2026
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बिहार में AEDP कार्यक्रम के क्रियान्वयन की तैयारी तेज, 2026-27 सत्र से शुरू होंगे 7 नए रोजगारोन्मुखी डिग्री कोर्स

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Apprenticeship Embedded Degree Programme Bihar
In This Article
  1. डिग्री के साथ मिलेगी एक वर्ष की स्टाइपेंडयुक्त अप्रेंटिसशिप
  2. UGC डिग्री के बराबर होगी मान्यता
  3. पहले चरण में 7 नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम
  4. मौजूदा संसाधनों से शुरू होगा कार्यक्रम
  5. जुलाई में होगा शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण
  6. छात्रों के लिए काउंसलिंग और ओरिएंटेशन सत्र होंगे आयोजित
  7. मिथिला विश्वविद्यालय के चार कॉलेजों में शुरू हो सकते हैं AEDP कोर्स
  8. बिहार में उच्च शिक्षा को उद्योगों से जोड़ने की बड़ी पहल

बिहार में उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत Apprenticeship Embedded Degree Programme (AEDP) के क्रियान्वयन की तैयारियां तेज हो गई हैं। 17 जून 2026 को बिहार लोक भवन, पटना में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कार्यक्रम की प्रगति, प्रवेश प्रक्रिया, शैक्षणिक संरचना और संस्थागत तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक में राज्य के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, उच्च शिक्षा विभाग और हैदराबाद स्थित Centre for Research in Schemes and Policies (CRISP) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में 2026-27 शैक्षणिक सत्र से कार्यक्रम के प्रभावी संचालन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

डिग्री के साथ मिलेगी एक वर्ष की स्टाइपेंडयुक्त अप्रेंटिसशिप

बैठक में बताया गया कि AEDP एक चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम है, जिसमें 75 प्रतिशत अकादमिक शिक्षा और 25 प्रतिशत उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण शामिल होगा। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को तीसरे वर्ष में एक वर्ष की अनिवार्य अप्रेंटिसशिप करनी होगी, जिसके दौरान उन्हें स्टाइपेंड भी मिलेगा।

इसके लिए भारत सरकार के Board of Practical Training (BOPT-ER) के साथ समझौता किया गया है, ताकि नामांकित छात्रों को अप्रेंटिसशिप और स्टाइपेंड की सुविधा सुनिश्चित की जा सके।

UGC डिग्री के बराबर होगी मान्यता

बैठक में स्पष्ट किया गया कि AEDP के तहत प्रदान की जाने वाली डिग्री की मान्यता किसी भी अन्य नियमित UGC डिग्री के समान होगी। कार्यक्रम पूरा करने वाले छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा, मास्टर्स और PhD कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्र होंगे।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को रोजगारोन्मुखी बनाना और “Earn While You Learn” मॉडल को बढ़ावा देना है। साथ ही इससे राज्य के Gross Enrolment Ratio (GER) में भी सुधार की उम्मीद जताई गई है।

पहले चरण में 7 नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम

बैठक में बताया गया कि पहले चरण में विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी संकायों के सात विषयों में AEDP लागू किया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों को हाल ही में राज्यपाल की मंजूरी मिली है।

इनमें शामिल हैं:

  • B.Com (Banking Financial Services & Insurance – BFSI)
  • B.Com (Retail Operations)
  • B.Com (E-Commerce Operations)
  • B.Com (Human Resource Operations)
  • B.A. (Content and Creative Writing)
  • B.Sc. (Healthcare Management)
  • B.Sc. (Digital Electronics)

मौजूदा संसाधनों से शुरू होगा कार्यक्रम

बैठक में निर्णय लिया गया कि AEDP पाठ्यक्रमों का संचालन प्राथमिक रूप से मौजूदा शिक्षकों, प्रयोगशालाओं और उपलब्ध अवसंरचना का उपयोग करके किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षकों को नए पाठ्यक्रमों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए व्यापक Faculty Training Programme आयोजित किया जाएगा।

विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे पाठ्यक्रमवार शिक्षकों की पहचान कर प्रशिक्षण के लिए नामित करें।

जुलाई में होगा शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण

बैठक में तय किया गया कि Faculty Training Programme का आयोजन जुलाई 2026 के मध्य में किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के आवास और भोजन की व्यवस्था उच्च शिक्षा विभाग तथा राजभवन द्वारा की जाएगी।

प्रशिक्षण का आयोजन दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन संस्थान, दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान या आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में किया जा सकता है। CRISP प्रशिक्षकों के चयन और उनसे जुड़े खर्चों का वहन करेगा।

छात्रों के लिए काउंसलिंग और ओरिएंटेशन सत्र होंगे आयोजित

बैठक में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को निर्देश दिया गया कि जो छात्र पहले से पंजीकरण करा चुके हैं लेकिन शुल्क जमा नहीं कर पाए हैं, उनसे ई-मेल और मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर कार्यक्रम की जानकारी दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर ऑफलाइन काउंसलिंग सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।

इसके अलावा प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए छात्रों के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें उन्हें कार्यक्रम की संरचना, उद्योग आधारित प्रशिक्षण, स्टाइपेंडयुक्त अप्रेंटिसशिप और रोजगार संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी।

मिथिला विश्वविद्यालय के चार कॉलेजों में शुरू हो सकते हैं AEDP कोर्स

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) से संबद्ध कॉलेज अपनी उपलब्ध अवसंरचना और शिक्षकों के आधार पर AEDP पाठ्यक्रमों का चयन करेंगे। प्रारंभिक चरण में जिन कॉलेजों की पहचान की गई है, उनमें शामिल हैं:

  • सी.एम. कॉलेज, दरभंगा
  • रामाश्रय बलेश्वर कॉलेज, समस्तीपुर
  • बाली राम भगत कॉलेज, समस्तीपुर
  • उमा पांडेय कॉलेज, पूसा (समस्तीपुर)

बिहार में उच्च शिक्षा को उद्योगों से जोड़ने की बड़ी पहल

AEDP को बिहार की उच्च शिक्षा प्रणाली में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को डिग्री के साथ वास्तविक कार्य अनुभव, उद्योग आधारित कौशल और स्टाइपेंडयुक्त अप्रेंटिसशिप का अवसर मिलेगा।

इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ेगा, जिससे छात्रों की रोजगार क्षमता मजबूत होने और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होने की संभावना है।

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