Tuesday, 23 June 2026
Patna
Bihar Infra Tales

बिहार बिल्डिंग बायलॉज 2026 का ड्राफ्ट जारी, 30 दिन में मंजूरी नहीं मिलने पर नक्शा होगा स्वतः स्वीकृत

Share this article: X Facebook Telegram
Bihar Building Byelaws
In This Article
  1. 30 दिन में निर्णय नहीं होने पर नक्शा माना जाएगा स्वीकृत
  2. कई श्रेणी के भवनों के लिए Self-Certification व्यवस्था
  3. Self-Certification भवनों को Fire NOC से छूट का प्रस्ताव
  4. जोखिम आधारित नई भवन स्वीकृति प्रणाली
  5. अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग स्वीकृति प्रक्रिया
  6. हाई-रिस्क भवनों के लिए विस्तृत Fire Plan अनिवार्य
  7. पर्यावरण, एयरपोर्ट और संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़े प्रमाणपत्र जरूरी
  8. भवन निर्माण से जुड़े कई नए प्रावधान शामिल
  9. Rainwater Harvesting और डिजिटल कनेक्टिविटी पर भी जोर
  10. FAR, Setback, Height और Parking के लिए अलग प्रावधान
  11. उल्लंघनों के लिए Compounding और Penalty का प्रावधान
  12. Bihar Building Byelaws 2014 को किया जाएगा निरस्त
  13. फिलहाल ड्राफ्ट चरण में है नई नियमावली

बिहार में भवन निर्माण नियमों में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा Bihar Building Byelaws 2026 का ड्राफ्ट जारी किया गया है। यह अभी मसौदा (Draft) स्वरूप में है और अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही लागू होगा।

प्रस्तावित नियमावली लागू होने पर Bihar Building Byelaws 2014 का स्थान लेगी। नए नियम राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत, महानगरीय क्षेत्र और अधिसूचित प्लानिंग एरिया में लागू होंगे।

30 दिन में निर्णय नहीं होने पर नक्शा माना जाएगा स्वीकृत

ड्राफ्ट में Deemed Approval का प्रावधान शामिल किया गया है। इसके तहत यदि किसी आवेदक द्वारा भवन नक्शा स्वीकृति के लिए आवेदन किया जाता है और 30 दिनों के भीतर उस पर स्वीकृति या अस्वीकृति का निर्णय नहीं लिया जाता है, तो भवन योजना को स्वतः स्वीकृत माना जाएगा।

कई श्रेणी के भवनों के लिए Self-Certification व्यवस्था

ड्राफ्ट के अनुसार निर्धारित श्रेणी के भवनों को नगर निकाय से पूर्व स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे भवनों के नक्शे Empanelled Technical Person (ETP) द्वारा प्रमाणित किए जाएंगे। शुल्क जमा करने और पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदक भवन स्वीकृति प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकेगा।

Self-Certification के लिए प्रस्तावित श्रेणियां:

  • आवासीय भवन: 24 मीटर तक ऊंचाई, प्रति तल अधिकतम 750 वर्गमीटर
  • शैक्षणिक भवन: 9 मीटर तक ऊंचाई, प्रति तल 500 वर्गमीटर
  • संस्थागत भवन: 15 मीटर तक ऊंचाई, प्रति तल 500 वर्गमीटर
  • असेंबली भवन: 9 मीटर तक ऊंचाई, प्रति तल 750 वर्गमीटर
  • वाणिज्यिक भवन: 15 मीटर तक ऊंचाई, प्रति तल 750 वर्गमीटर
  • औद्योगिक भवन: 15 मीटर तक ऊंचाई, प्रति तल 2000 वर्गमीटर
  • भंडारण भवन: 9 मीटर तक ऊंचाई, प्रति तल 500 वर्गमीटर

Self-Certification भवनों को Fire NOC से छूट का प्रस्ताव

ड्राफ्ट में Self-Certification श्रेणी के भवनों को Fire NOC से छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि Empanelled Technical Person को भवन में अग्नि सुरक्षा संबंधी पर्याप्त प्रबंध सुनिश्चित करने होंगे।

इनमें अग्निशामक यंत्र, फायर एग्जिट, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर, होज सिस्टम तथा अग्निशमन जल भंडारण जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

साथ ही तृतीय-पक्ष फायर कंसल्टेंट या विभागीय अग्निशमन अधिकारी द्वारा फायर ऑडिट भी किया जा सकेगा। नियमों का पालन नहीं होने पर भवन को सील किया जा सकता है।

जोखिम आधारित नई भवन स्वीकृति प्रणाली

भवन स्वीकृति प्रक्रिया को तेज करने के लिए Risk-Based Classification System प्रस्तावित किया गया है।

भवनों को Low Risk, Moderate Risk और High Risk श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा।

आवासीय भवनों के लिए:

  • 24 मीटर तक ऊंचाई वाले भवन Low Risk
  • 24 से 50 मीटर तक Moderate Risk
  • 50 मीटर से अधिक High Risk

वाणिज्यिक भवनों के लिए:

  • 15 मीटर तक Low Risk
  • 15 से 24 मीटर तक Moderate Risk
  • 24 मीटर से अधिक High Risk

औद्योगिक, शैक्षणिक, संस्थागत, असेंबली और भंडारण भवनों के लिए भी अलग-अलग जोखिम मानदंड निर्धारित किए गए हैं।

ड्राफ्ट के अनुसार आठ से अधिक फ्लैट या आवासीय इकाइयों वाले भवनों को High Risk श्रेणी में रखा जाएगा।

अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग स्वीकृति प्रक्रिया

Low Risk भवनों की स्वीकृति Self-Certification के आधार पर होगी।

Moderate Risk भवनों की स्वीकृति Empanelled Third Party Architect द्वारा की जाएगी।

High Risk भवनों की स्वीकृति संबंधित नगर निकाय अथवा शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा दी जाएगी।

High Risk भवनों के मामलों में आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर सभी आपत्तियां और कमियां एक ही बार में आवेदक को बतानी होंगी।

हाई-रिस्क भवनों के लिए विस्तृत Fire Plan अनिवार्य

High Risk भवनों के लिए विस्तृत Fire Plan जमा करना होगा। इसमें निम्न विवरण शामिल होंगे:

  • फायर टेंडर की पहुंच का मार्ग
  • मुख्य एवं वैकल्पिक सीढ़ियां
  • फायर लिफ्ट
  • स्मोक स्टॉप लॉबी
  • पार्किंग व्यवस्था
  • एम्बुलेंस एवं फायर ब्रिगेड की आवाजाही
  • जनरेटर एवं ट्रांसफॉर्मर कक्ष
  • फायर अलार्म नेटवर्क
  • स्प्रिंकलर एवं होज सिस्टम
  • अग्निशमन जल टैंक
  • गैस आपूर्ति व्यवस्था
  • ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
  • दिव्यांग, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाएं
  • वर्षा जल संचयन व्यवस्था

पर्यावरण, एयरपोर्ट और संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़े प्रमाणपत्र जरूरी

जहां लागू होगा वहां निम्न दस्तावेज जमा करने होंगे:

  • पर्यावरण स्वीकृति
  • भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की NOC
  • भूकंप सुरक्षा मानकों के अनुपालन का प्रमाणपत्र
  • राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण या पुरातत्व विभाग की NOC
  • हाई-राइज भवनों के लिए Structural Stability Certificate

भवन निर्माण से जुड़े कई नए प्रावधान शामिल

ड्राफ्ट में भवन निर्माण के लिए कई तकनीकी और सुरक्षा संबंधी प्रावधान शामिल किए गए हैं।

इनमें शामिल हैं:

  • सीढ़ियों एवं आपात निकास के मानक
  • रैंप व्यवस्था
  • बेसमेंट और सेलर नियम
  • लिफ्ट एवं Lift NOC
  • दिव्यांगजन अनुकूल पहुंच
  • रिफ्यूज एरिया
  • उचित साइनेज
  • सर्विस डक्ट
  • विद्युत सुरक्षा
  • एयर कंडीशनिंग सुरक्षा मानक
  • बॉयलर रूम मानक
  • वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति
  • विद्युत उपकेंद्र सुरक्षा प्रावधान

Rainwater Harvesting और डिजिटल कनेक्टिविटी पर भी जोर

ड्राफ्ट में वर्षा जल संचयन प्रणाली (Rainwater Harvesting System) का अलग प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा Information and Communication Technology (ICT) Landing Points को भी भवन अवसंरचना का हिस्सा बनाया गया है।

FAR, Setback, Height और Parking के लिए अलग प्रावधान

नियमावली में Floor Area Ratio (FAR), Setback, भवन ऊंचाई, सड़क से पहुंच, पार्किंग स्पेस तथा विद्युत लाइनों से न्यूनतम दूरी के लिए विस्तृत प्रावधान शामिल किए गए हैं।

इसके अलावा विभिन्न प्रकार के भवनों के लिए अग्नि सुरक्षा मानकों की अलग-अलग तालिकाएं भी प्रस्तावित की गई हैं।

उल्लंघनों के लिए Compounding और Penalty का प्रावधान

ड्राफ्ट में कुछ प्रकार के भवन उल्लंघनों को Compounding और Condonation के माध्यम से नियमित करने का प्रावधान किया गया है।

हालांकि गंभीर नियम उल्लंघन, प्रतिबंधित गतिविधियां और कुछ विशेष प्रकार के अतिक्रमण Non-Compoundable श्रेणी में रहेंगे।

इसके अलावा बिल्डरों और तकनीकी पेशेवरों के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।

Bihar Building Byelaws 2014 को किया जाएगा निरस्त

ड्राफ्ट के अनुसार Bihar Building Byelaws 2026 लागू होने के बाद Bihar Building Byelaws 2014 निरस्त हो जाएंगे। हालांकि पूर्व में स्वीकृत योजनाओं और अनुमतियों के लिए संक्रमणकालीन प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

फिलहाल ड्राफ्ट चरण में है नई नियमावली

महत्वपूर्ण बात यह है कि Bihar Building Byelaws 2026 अभी केवल ड्राफ्ट स्वरूप में जारी किए गए हैं। अंतिम अधिसूचना जारी होने से पहले सरकार सुझाव और आपत्तियों पर विचार कर सकती है। इसलिए वर्तमान में यह प्रस्तावित नियमावली है और अभी लागू नहीं हुई है।

Desk's avatar

Desk

बिहार इंफ्रा टेल्स डेस्क बिहार की आधारभूत संरचना, विकास, निवेश, नीतियों और शासन से जुड़ी खबरों को कवर करता है।

अपनी राय दें